पुष्टाहार बनाकर आत्मनिर्भरता की कहानी
जिनकी पहचान कभी घर की चौखट तक ही सीमित हुआ करती थी। घर की चौखट लांघने पर कई पाबंदियां हुआ करती थीं। आज वही महिलाएं कदम से कदम मिलाकर काम कर रही हैं। फतेहपुर में एक ऐसी जगह है, जहां पुष्टाहार बनाया जाता है और इसे महिलाएं तैयार करती हैं। यहां करीब 20 महिलाओं का स्टाफ काम करता है। लघु उद्योग कर्मी सरिता ने बताया कि उन्हें यहां काम करते हुए चार साल हो गए हैं। यहां काम मिलने से उनका परिवार अच्छी तरह चल रहा है। वहीं, लघु उद्योग कर्मी सीमा ने बताया कि वह बहुत खुश हैं। पहले परिवार चलाने में काफी दिक्कतें होती थीं, लेकिन अब उनका परिवार अच्छे से चल रहा है और वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दे पा रही हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें खुद पर गर्व महसूस होता है। लोग उन्हें पहचानने लगे हैं और कहते हैं कि दीदी बहुत अच्छा काम कर रही हैं। इससे दूसरी महिलाओं का हौसला भी बढ़ रहा है और वे भी काम करने के लिए आगे आना चाहती हैं।
फतेहपुर मेडिकल कॉलेज से स्थानीय लोगों को कितना लाभ?
अमर उजाला की टीम फतेहपुर मेडिकल कॉलेज पहुंची और वहां की जमीनी स्थिति को समझने का प्रयास किया। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि एआई की वजह से चिकित्सा क्षेत्र में बहुत तेजी से बदलाव आया है। सोशल मीडिया और नई तकनीकों के जरिए कई नए गैजेट्स सामने आए हैं, जिससे साइंस और मेडिकल क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जो रिपोर्टें एक से दो या तीन दिन में मिलती थीं, अब वह तुरंत उपलब्ध होने लगी हैं। सर्जरी के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। अब रोबोटिक सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक सर्जरी और लेजर सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकें आ चुकी हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन हुआ है।
उन्होंने सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जाने से लोगों को इलाज के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुजित कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काफी प्रयास किए हैं और इसका असर अब जमीनी स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। पहले सरकारी अस्पतालों की जो छवि थी, अब वह बदल चुकी है। आज सरकारी अस्पताल भी कई निजी अस्पतालों को टक्कर देने की स्थिति में पहुंच गए हैं और लगातार सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।