तहसील मुख्यालय के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरों के न आने से मरीज परेशान हैं। 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आधा दर्जन डाक्टरों की तैनाती है, लेकिन चिकित्साधीक्षक डा. इश्तियाक व डॉ. पंकज के अलावा अन्य डॉक्टर आवास में नहीं मिलते हैं।
सीएचसी में डा. अभय सिंह, जोगेंदर सिंह सर्जन, लेडी डाक्टर रूचि, डा. दिव्या द्विवेदी कानपुर फतेहपुर से अप- डाउन करते हैं। गर्मी का प्रकोप बढ़ने व मच्छरों की भरमार के कारण मरीजों की संख्या तीन सौ के ऊपर प्रतिदिन पहुंच रही हैं। परिणाम स्वरूप मरीजों को देखने के लिए मात्र दो डाक्टरों के पास भीड़ जुटी रहती है। सुबह आठ बजे से अपराह्न दो बजे तक उल्टी, दस्त, बुखार, पेटदर्द के अलावा विभिन्न संक्रामक बीमारियों से ग्रसित मरीजों को देखकर उनकी दवाइयां लिखने के काम का भार मात्र दो डाक्टरों के ऊपर है। इसके अलावा इमरजेंसी की ड्यूटी भी करनी पड़ती है। डाक्टर नीरज गुप्ता के तबादले के बाद किसी डाक्टर की तैनाती न करने से सीएचसी की स्थिति और खराब हो गई है। नगर के अधिवक्ता अरुण द्विवेदी, शीतेष तिवारी उर्फ गोल्डी, सभासद कमलेश ओमर, सुनील पाल आदि ने मुख्य चित्किसाधिकारी विनय पांडेय से मांग की है कि सीएचसी बिंदकी में बने आवासों में सभी डाक्टरों को रुकने के निर्देश दिए जाएं और डाक्टरों के रिक्त पड़े स्थानों में अन्य डाक्टरों की तैनाती की जाए।