अमौली तिरहार में बुखार से मौत का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। कानपुर में इलाज के दौरान पनेऊरा गांव के एक किशोर की मौत हो गई। यहां पर दस दिन के अंदर तीन मौतें होने से ग्रामीण सहम गए हैं। मौजूदा वक्त बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं। उधर, बाबूपुर व कुम्हारपुर गांव में स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाए।
गांव के सुरेश प्रजापति के बेटे लकी (14) को हफ्ता भर पहले बुखार आया था। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे पांच दिन पहले इलाज कराने को कानपुर ले गए थे। जहां एक निजी अस्पताल में लकी को भर्ती किया गया था। शुक्रवार की शाम हालत बिगड़ी और लकी की मौत हो गई। इससे पहले इस गांव के राधेश्याम की पत्नी उर्मिला व राधेलाल प्रजापति की मौत हो चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कारागार राज्यमंत्री ने गुरुवार को गांव जायजा लिया था। इसके बावजूद गांव में स्वास्थ्य शिविर नहीं लगा। स्वास्थ्य विभाग की नाकामी की वजह से कम से कम 12 लोग कानपुर में इलाज करा रहे हैं। उधर, बाबूपुर गांव में डॉ. ऋषि अवस्थी की टीम को बुखार के छह मरीज मिले। इसी तरह से कुम्हारपुर गांव में डॉ. संदीप की टीम को कैंप में बुखार का एक पीड़ित मिला।