प्रशासन की धान खरीदने की तैयारी कागजों पर ज्यादा
हकीकत में कम है। कुछ स्थानों को छोड़कर धान क्रय केंद्रों में अभी तक बैनर
भी नहीं टंगा। इससे किसानों के बीच इसका प्रचार-प्रसार नहीं हुआ। कई
किसानों को जानकारी ही नहीं है कि उनके लिए क्रय केंद्र खुल चुका है। 39
खरीद केंद्रों में अभी तक बोहनी नहीं हुई है।
शासन के निर्देश पर
प्रशासन ने धान खरीदने के केंद्रों का चयन कर लिया है। इसमें मार्केटिंग
विभाग, पीसीएफ, एफसीआई, यूपी एग्रो, कर्मचारी कल्याण निगम, पंजीकृत
समितियों और यूपी एसएस इकाई धान की खरीद करेंगी।
इन सभी इकाइयों ने खरीद
केंद्र में प्रभारी भी तैनात कर दिए हैं। किस इकाई का कहां खरीद केंद्र
बनाया जाना है। जिला खाद्य विपणन कार्यालय ने इसकी जगह तय कर दी है।
धान
खरीदने वाली संस्थाएं व खाद्य विपणन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही साफ
दिख रही है। आरोप है कि किसानों को धान बेचने की जानकारी के लिए भी क्रय
केंद्र में एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं रहते हैं।
किसान धान खरीद केंद्र
खुलने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे धान बेचने में समर्थन मूल्य का लाभ ले
सकें।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी रवि गौतम का कहना है कि चुनाव के चलते इस
ओर ध्यान नहीं दिया जा सका है। जल्द ही सभी केंद्र में धान की खरीद शुरू
करा दी जाएगी।