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Fatehpur News: एक ओर युवती का अंतिम संस्कार, दूसरी ओर चल रहा था बुलडोजर

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फतेहपुर। पुलिस के लिए युवती के शव का अंतिम संस्कार कराना चुनौती से कम नहीं था। पुलिस 26 जून की शाम से परेशान थी। परिवार ने शव को पूरी रात गांव में रोक रखा था। परिवार के लोग इमारत ढहाने की कार्रवाई का इंतजार कर रहे थे। इत्तेफाक था कि जिस समय युवती को मुखाग्नि दी जा रही थी, उस समय आरोपी के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई चल रही थी।

युवती का शव लेकर परिजन और ग्रामीण सुबह करीब 10 बजे जयरामनगर चौराहा पहुंचे। उनके साथ बिंदकी कोतवाल अरुण चतुर्वेदी और कई थानों का फोर्स था। जयरामनगर चौराहे पर परिवार के लोगों ने शव लदा ट्रैक्टर रोकवा दिया। वे शव को उतारकर जाम लगाने का प्रयास करने लगे। यह देखकर पुलिस के होश उड़ गए। पुलिस फौरन ट्रैक्टर के पास पहुंची। ग्रामीणों को शांत किया। लोगों ने पहले आरोपी का घर बुलडोजर से ध्वस्त कराने की मांग की। इसके बाद अंतिम संस्कार की बात कही। इधर, ज्वालागंज में प्रशासन बुलडोजर लेकर खड़ा था, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग के इंजीनियर के आने का इंतजार हो रहा था। इसी वजह से कार्रवाई रुकी थी। परिजनों को लगा कि प्रशासन बुलडोजर लेकर दिखावा कर रहा है। पुलिस समझाकर शव यात्रा भिटौरा घाट ले गई। जहां करीब साढ़े 11 बजे मृतका के बाबा ने शव को मुुखाग्नि दी। इस दौरान युवती से दुष्कर्म और हत्यारोपी की इमारत पर बुलडोजर चल रहा था।
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प्रापर्टी के कारोबार से 10 साल में फर्श से अर्श तक पहुंचा परिवार
- कानपुर, उन्नाव और जिले में फैला रखा करोड़ों का कारोबार

- एक दशक पहले दूध बेचता था परिवार

संवाद न्यूज एजेंसी

फतेहपुर। दुष्कर्म और हत्या के आरोपी सिकंदर के परिवार ने कुछ सालों में अकूत संपत्ति इकट्ठा की है। एक दशक पहले परिवार दूध बेचता था। अब आलीशान इमारत में सपन्नता से रहता है। यह सब कुछ प्रापर्टी कारोबार से इकट्ठा किया है। इनका कारोबार जिले के अलावा कानपुर, लखनऊ और उन्नाव में फैला होना बताया जाता है। इलाकाई लोगों ने बताया कि संपत्ति बेईमानी और धोखाधड़ी से भी इकट्ठा की है।
आरोपी सिकंदर के तीन और भाई सद्दाम, छोटू और बब्बन हैं। इनमें सद्दाम की चौक बाजार में आलीशान कपड़ों की दुकान है। बाकी तीनों भाई ट्रैवेल्स और पिता इस्लाम प्रापर्टी कारोबार देेखते हैं। इनके परिवार में हाईवे और बेरुईहार में पुश्तैनी काफी जमीन है। इस्लाम के परिवार में एक मंदबुद्घि सदस्य था। चर्चा है कि इस्लाम ने धोखे से मंदबुद्घि की सारी प्रापर्टी हथियाई थी। प्रापर्टी हथियाने के बाद अच्छे दाम में बेच डाली। संपत्ति से मिली रकम से खुद का प्रापर्टी कारोबार और ट्रैवेल्स एजेंसी शुरू की। इस्लाम फिल्मों में काम करने का शौकीन बताया जाता है। उसने एक भोजपुरी फिल्म में भी काम किया है। आरोपी सिकंदर ट्रैवेल्स एजेंसी संचालक है। ट्रैवेल्स कारोबारी घोषी ब्रदर्स ने शौक पूरे करने के लिए लग्जरी वाहनों का बेड़ा घर में ही बना रखा है। लग्जरी वाहनों के बेड़े में मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, बलेनो समेत कई कार हैं। पुलिस ने कुल पांच कार सीज की हैं। इन कारों में एक का इस्तेमाल घटना में होना बताया जा रहा है। सभी वाहनों को पुलिस ने कब्जे में लिया है। तीन स्कूटी, तीन बाइक, दो डीसीएम, एक ट्रक, दो अनुबंधित लग्जरी बसों को पुलिस ने कब्जे में लिया है।

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घटना में पुलिस का बड़ा खेल, आरोप लगे
फतेहपुर। हिंदू संगठनों और परिवार के लोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विहिप प्रांतीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि घटना विशुद्घ रूप से लव जिहाद है। आरोपी सिकंदर मुस्लिम है। उसने हिंदू नाम सोनू बताकर युवती को जाल में फंसाया है। उधर, परिवार ने आरोप लगाया कि सिकंदर के परिजनों को पुलिस ने पहले पकड़ लिया था। इसके बाद छोड़ने के नाम पर पुलिस ने लाखों रुपये का लेन-देन किया है। उसके परिवार को जेल भेजा जाए। आरोपी को फांसी दी जाए। पुलिस की कार्रवाई में सिकंदर को स्कूटी से रात के समय बिंदकी आना बताया गया, जबकि सिकंदर के पास कई लग्जरी वाहन हैं। वह किसी कार से आया था। पुलिस ने मुकदमे में कार न फंसाने और बाकी आरोपियों को राहत देने के नाम पर खेल किया है। कोतवाल अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि आरोप निराधार हैं। पुलिस कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर रही है। (संवाद)

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कई बार घोषी ब्रदर्स कर चुके मारपीट, गली में कब्जा किया
ज्वालागंज में अकूत संपत्ति के मालिक घोषी ब्रदर्स से कोई भी नहीं भिड़ता था। अक्सर घोषी ब्रदर्स लोगों से मारपीट करते थे। उन्होंने ट्रैवेल्स एजेंसी फर्म का नाम भी घोषी ब्रदर्स रखा है। इसी वजह से परिवार को इसी नाम से लोग जानते हैं। ज्वालागंज इलाके में टेंपो और बस स्टैंड हैं। काफी भीड़भाड़ रहती है। घोषी ब्रदर्स के वाहन भी खड़े रहते हैं। कई बार चालक सवारियों को उतारने के लिए टेंपो, बस रोक देते हैं। इससे खफा होकर कई बार चालकों के साथ मारपीट की गई है। इमारत के बगल में पीछे घर का गेट लगा रखा है। इस रास्ते में तीन दुकानें अवैध तरीके से गली में घोषी ब्रदर्स ने खुलवा रखी हैं। गली में बिरयानी, गोश्त की दुकानें खुली हैं। इन दुकानों से गली में रहने वाले एक हिंदू परिवार को काफी समस्या से जूझना पड़ता है। हिंदू परिवार ने बताया कि कई बार एतराज जताया, लेकिन उनके साथ भी बदसलूकी की गई। इलाकाई पुलिस दबंगई में आरोपियों का सहयोग करती रही है। ट्रैवेल्स में यात्रा करने वाली महिला यात्रियों से भी छेड़खानी और बदसलूकी के मामले पहले सामने आ चुके हैं। कोतवाली पुलिस ने बिरयानी दुकानदार को भी पकड़ा और पूछताछ के लिए ले गई है।
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इनसेट

जेल में मुलाकात की परिवार कर रहा था तैयारी

पुलिस ने परिवार को छोड़कर आरोपी सिकंदर को 24 जून को जेल भेजा था। जेल जाने के बाद आरोपी का परिवार पहली मुलाकात की तैयारी कर रहा था। पड़ोसियों ने बताया कि परिवार के लोग 26 जून को जेल में मुलाकात करने वाले थे। इस दौरान ही युवती की मौत की खबर आ गई। इसके बाद परिवार में खलबली मच गई। परिवार के लोग घर छोड़कर भाग निकले। बताया जाता है कि दुष्कर्म के बाद युवती को मरणासन्न हालत में छोड़कर 22 जून की रात सिकंदर सीधे घर पहुंचा था। उसने कपड़े छिपाए और दूसरे दिन से गायब हो गया था।
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