देवाधिदेव महादेव की आराधना करने के लिए भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिला। शिवालयों में श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा। भोर पहर से शिवालयों के कपाट खुल गए और भक्तों ने पहुंचकर गंगाजल से जलाभिषेक कर शिव जी की पूजा अर्चना की। भिटौरा से गंगा जल लेकर शिवालय पहुंचे कांवरियों ने हर हर महादेव के जयकारे लगाए।
सावन का चौथा और आखिरी सोमवार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। देवाधिदेव महादेव को खुश करने के लिए भक्त पैदल शिवालय पहुंचे और विधि विधान से अराधना की। शिवलिंग में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों का जत्था ओम घाट भिटौरा से तांबेश्वर मंदिर पहुंचा। इस दौरान भक्तों की अत्यधिक भीड़ होने से पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था संभालने में मेहनत करनी पड़ी। इसी प्रकार बांदा सागर रोड स्थित मोटेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने एक लोटा जल और पांच बेल पत्र भगवान भोले शंकर पर अर्पित कर मनोवांछित फल की कामना की। हुसैनगंज संवाददाता के अनुसार भृगुधाम भिटौरा में भक्तों की भीड़ रही। गंगा स्नान करने के लिए दूर दराज से भक्त पहुंचे। गंगा मइया के जयकारे के साथ भक्तों ने पुण्य की डुबकी लगाई। इसके बाद शिव जी को गंगाजल से जलाभिषेक किया। बहुआ संवाददाता के अनुसार थवईश्वर धाम में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की भीड़ रही। भोर से पहर से भक्त पहुंचने लगे और दिनभर पूजा अर्चना का दौर चला।
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महामृत्युंजय और रुद्राभिषेक के हुए आयोजन
सावन के चौथे एवं अंतिम सोमवार में भक्तों ने रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय का जाप कराया। ओम घाट भिटौरा, तांबेश्वर मंदिर, मोटेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों ने आचार्यों के साथ पहुंचकर विधि विधान से पूजा अर्चना की। इसके अलावा कई भक्तों ने तो घरों में ही महामृत्युंजय और रुद्राभिषेक का आयोजन किया।
मेले में जमकर हुई खरीदारी
सावन के अंतिम सोमवार में तांबेश्वर मंदिर पहुंचे भक्तों ने पहले देवाधिदेव महादेव के दर्शन किए। इसके बाद मेले में खरीददारी की। महिलाओं ने घरेलू उपयोग की वस्तुओं की खरीददारी की तो बच्चों ने चाट, चाउमीन व आईसक्रीम खाकर आनंद लिया। मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें भक्तों ने पूड़ी सब्जी का प्रसाद ग्रहण किया।