कोतवाली के ऐलई गंाव के पास मुठभेड़ में अंतर जनपदीय वाहन चोरों का गैंग पकड़ा गया। इसमें डॉक्टर और मैकेनिक भी शामिल हैं। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर चोरी की 11 बाइक बरामद की हैं। शहर से चार चोरी की बोलेरो बेचना भी इस गैंग ने कबूल किया है। पुलिस ने दो तमंचे व कारतूस बरामद किए हैं।
खागा कोतवाली में सीओ अतुल चौबे ने बताया कि एसओ मोहम्मद शरीफ खान समेत टीम ने संदिग्ध बाइक सवारों को रोका तो उन्होंने पुलिस पर फायर झोंक दिया। इससे दूसरी बाइक में सवार बदमाश तो भाग गए, लेकिन दो दबोच लिए गए।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना परिचय खागा के पाई गंाव निवासी प्रदीप शुक्ला उर्फ सोनू और दूसरे ने गौराहार मजरे अकिलपुर ऐराना निवासी अरविंद कुमार लोधी बताया है। पुलिस ने इनके पास से असलहे और कारतूस बरामद हुए।
सीओ ने बताया कि प्रदीप शुक्ला आलमपुर गेरिया थाना खखरेरू में दवाखाना संचालित करता है और खुद को डाक्टर बताता है, जबकि कोई डिग्री नहीं है। दवाखाने के बगल में मैकेनिक अरविंद लोधी बाइक रिपेयरिंग की दुकान चलाता है। पुलिस ने दोनों की दुकानों से छापेमारी कर 11 बाइकें बरामद की है।
आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि खैरई निवासी लाला फकीर और प्रतापगढ़ के सुरेंद्र शुक्ला संग घटनाएं करते हैं। चोरी की बाइकों को ठिकाने पड़ोसी जिलों में बांदा, प्रतापगढ़, कौशांबी, रायबरेली, कानपुर, उन्नाव में लगाते थे। शहर के बाकरगंज और आबूनगर इलाके चार बोलेरो चोरी की गई थी।
सारी बोलेरो सुरेंद्र और लाला फकीर ने ठिकाने लगाया है। उन लोगों को हर बोलेरो में 25-25 हजार रुपये और बाइक चोरी के हिस्से में पांच-पांच हजार रुपये मिलते रहे हैं। इकट्ठा बाइकों को प्रतापगढ़ बेंचने जाना था। गैंग करीब डेढ़ साल से सक्रिय चल रहा था।
ससुराल को लाला फकीर ने बनाया ठिकाना- फरार शातिर लाला फकीर का पैतृक गांव सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के अल्लीपुर बहेरा है। खागा के खैरई में उसकी ससुराल है।
एसओ शरीफ खान का दावा है कि सुल्तानपुर घोष थाने में कई लूट, चोरी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस लगातार निगरानी रखने लगी। इसी वजह से लाला ने अपना ठिकाना ससुराल में आकर बना लिया है। जिससे काफी दिनों से पुलिस की पकड़ से दूर था।
सुरेंद्र के झांसे में फं सी पुलिस कौशांबी तक दौड़ी- खागा पुलिस ने प्रतापगढ़ के शातिर सुरेंद्र शुक्ला को दबोचने लिए जाल बिछाया, लेकिन वह फं स नहीं सका। सुरेंद्र से मोबाइल पर पुलिस ने प्रदीप की बात कराई।
प्रदीप से सुरेंद्र की कौशांबी अझुवा में मिलने की बात हुई। पुलिस आननफानन पूरी तैयारी के साथ कौशांबी पहुंच गई। कौशांबी में सुरेंद्र का मोबाइल ट्रेस किया गया। मोबाइल लोकेशन प्रतापगढ़ का मिला। पुलिस को फौरन समझा आ गया कि शातिर झांसा दे गया है। इसके बाद टीम बैरंग लौट आई।
टीम हुई पुरस्कृत- एसपी कलानिधि नैथानी ने गुडवर्क में शामिल टीम मोहम्मद शरीफ खान, एसएसआई अनूप सिंह, सिपाही सत्येंद्र मिश्रा, अजीत कुमार, सर्वेश कुमार, सुशील कुमार, शिवेंद्र कुमार, शीतबसंत मौर्या को इनाम देकर पुरस्कृत किया है।