बैंक आफ बड़ौदा जीटी रोड में धक्का मुक्की करती महिलाएं
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पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के बाद बैंक और डाकखाने में जुटने वाली भीड़ से हाल ही में हुए बवाल के मद्देनजर प्रशासन चौकन्ना हो गया है। भीड़ को नियंत्रित करने वालों को संयम बरतने के लिए मजिस्ट्र्रेटों को जिम्मा सौंपा गया है। मजिस्ट्रेट अपने-अपने इलाके की बैंकों में पहुंच शांति स्थापना का काम करेंगे।
सोमवार को किशनपुर की एसबीआई ब्रांच के कैंपस में दाखिल होने की कोशिश कर रही पब्लिक पर होमगार्ड के लाठीचार्ज और बहुआ में रुपया न आने की बात पर पब्लिक के पत्थरबाजी के मामले समेत कई जगह पर न सिर्फ बवाल की स्थिति बनी, बल्कि किशनपुर प्रकरण पर एसपी व स्थानीय थानेदार निलंबित कर दिए गए। प्रतिबंधित नोट बदलने और चलन वाले नोट हासिल करने के लिए जिस प्रकार से बैंकोें में ग्राहकों का हुजूम उमड़ रहा है। उससे हर दिन और हर पल बैंकों में गहमागहमी का माहौल बनता बिगड़ता रहता है। डीएम डॉ. वेदपति मिश्र ने बैंक में पहुंचने वाली जनता के जवाब देते धैर्य पर पुलिस बल के संयम खोने के मामले में प्रशासनिक मौजूदगी का होना अनिवार्य कर दिया है।
बकायदा इसके लिए जिले भर के सब मजिस्ट्रेटों को बैंकों में निगाह रखने के साथ वहां पर शांति और सद्भाव कायम रखने की जिम्मेदारी सौपी है। डीएम ने क्षेत्राधिकार में आने वाले बैंकों में पहुंच कर पब्लिक, बैंक कर्मी और पुलिस के बीच सामंजस्य स्थापित कराने की बात कही है। डीएम का मानना है कि इस प्रयास से सामंजस्य कायम रखने में सफलता मिलेगी।