आसमान से बरसती आग हर किसी को झुलसा रही है। ऐसे में प्यास बुझाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने अभी तक कोई मुकम्मल इंतजाम नहीं किया है। अप्रैल माह भी समाप्त होने को है लेकिन अभी तक प्याऊ नहीं खुला। दूर दराज से आने वाले लोगों व राहगीरों को पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है।
दिन-प्रतिदिन गर्मी बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि शहर में अधिकांश हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिए हैं और सार्वजनिक नल भी शोपीस बने हैं। ऐसे में प्यास लगने पर लोगों को चाय, होटल की दुकानों में खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है।
पालिका प्रशासन ने अभी तक सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ के इंतजाम नहीं किए जिससे जनता सभासदों से शिकायत कर रही है। शहर के रेलवे स्टेशन, ज्वालागंज बस स्टैंड, बिंदकी बस स्टैंड, रामगंज पक्का तालाब, चौक, शादीपुर, वर्मा चौराहा, पत्थरकटा चौराहा, देवीगंज, आबूनगर आदि स्थानों पर प्याऊ न लगे होने से लोग पानी के लिए भटकते रहते हैं।
नगरीय विकास समिति के अध्यक्ष एवं सिविल लाइन सभासद विनय तिवारी ने प्याऊ न खुलने के सवाल पर चेयरमैन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चेयरमैन को जनता की समस्या दिखाई नहीं दे रही है। वह टिकट पाकर चुनाव में मस्त हो गए हैं। एक-दो बार ईओ से प्याऊ के लिए कहा जा चुका है।
यदि हफ्ते भर में पालिका प्रशासन प्याऊ नहीं लगवाती तो नगरीय विकास समिति अपने स्तर से सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ लगवाएगी। मसवानी वार्ड के सभासद ऐनुल आबदीन हुमायूं ने कहा कि क्षेत्र में पेयजल का जबरदस्त संकट है। लोग बूंद बूंद पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। बोर्ड की बैठक में समस्या उठाई गई थी।
दस मई के बाद चेयरमैन और ईओ का घेराव किया जाएगा। मुराइनटोला वार्ड के सभासद प्रतिनिधि रज्जू सविता ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष को जनता की चिंता नहीं है। प्रचंड गर्मी पड़ रही है पालिका को अप्रैल महीने के शुरुआत में ही प्याऊ के इंतजाम करा देने चाहिए थे।