हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के छह दिन बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटी। परीक्षा विभाग के बार-बार कक्षनिरीक्षकों की सूची मांगने के बावजूद अभी तक 95 फीसदी केंद्र व्यवस्थापकों ने कक्षनिरीक्षकों की सूची नहीं भेजी है, जबकि सभी केंद्रों से कक्षनिरीक्षकों की मांग हो रही है।
उधर, हाईस्कूल के दो प्रश्नपत्रों की परीक्षा में बीएसए के नेतृत्व में सचल दल ने दो केंद्रों पर कार्रवाई की, जिससे केंद्रों में हड़कंप मचा है। जिला विद्यालय निरीक्षक मोहम्मद रफीक ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को तत्काल कक्ष निरीक्षकों की सूची भेजने के निर्देश दिए हैं।
बोर्ड परीक्षा में पहले दिन हाईस्कूल हिंदी के प्रश्नपत्र की परीक्षा में बीएसए ने जनक दुलारी औंग तथा विज्ञान के प्रश्नपत्र में सातों स्व. शिवबोधन सिंह उच्चतर माध्यमिक सातों के खिलाफ की गई कार्रवाई से परीक्षा केंद्रों में हड़कंप मचा है।
केंद्र व्यवस्थापकों का कहना है कि बीएसए बेसिक शिक्षा विभाग के कक्षनिरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रहे हैं। सातों में सामूहिक नकल वाले कक्ष में ड्यूटी कर रहे बेसिक के कक्षनिरीक्षकों के खिलाफ बीएसए ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश न देकर अपने को सवालों के घेरे में खड़ा कर लिया है।
जबकि इसके साथ ड्यूटी कर रहे माध्यमिक की शिक्षक मंजू देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के के लिए केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिए हैं।
उधर, मांगपत्र आ रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी भी केंद्र व्यवस्थापक ने उपलब्ध कक्षनिरीक्षकों की सूची नहीं भेजी है। जिलाविद्यालय निरीक्षक मोहम्मद रफीक का कहना है कि जबतक केंद्र व्यवस्थापक कक्षनिरीक्षकों का व्यौरा नहीं भेजेंगे, तबतक अतिरिक्त कक्षनिरीक्षक नहीं भेजे जाएंगे।