जरौल पंप कैनाल बंद होने से नहर की तली में पानी।
- फोटो : अमर उजाला
जरौली पंप कैनाल स्थित उपकेंद्र व हाईटेंशन लाइन का फाल्ट चार दिन बाद भी नहीं सही हुआ है। इससे पंप कैनाल से पानी की सप्लाई बंद हो गई है। बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। नहर के सहारे धान रोपाई करने वाले किसान पानी आने की राह देख रहे हैं। धान रोपाई के लिए काटी गई धान की नर्सरी भी कई किसानों की खराब हो रही है।
जिले की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना जरौली पंप कैनाल कभी बिजली तो कभी सिंचाई विभाग की उदासीनता का शिकार है। 22 जून को हुई जोरदार बारिश में उपकेंद्र के पैनल में तकनीकी खराबी और राधानगर से उपकेंद्र को जाने वाली हाईटेंशन लाइन की तार व खंभे टूट गए, जो अभी तक सही नहीं हो सका। 400 क्यूसेक क्षमता वाली जरौली पंप कैनाल से फतेहपुर और कौशांबी तक के किसान निचली गंगा नहर के माध्यम से सिंचाई करते हैं। धान रोपाई के समय ही पंप कैनाल बंद होने से किसानों मेें आक्रोश व्याप्त है।
असोथर के प्रगतिशील किसान जयदेव सिंह ने बताया कि असोथर जिले में धान की फसल तैयार करने वाला प्रमुख क्षेत्र है। हर साल धान की सिंचाई में पंप कैनाल बंद हो जाता है। कभी बिजली की समस्या तो कभी पंप कैनाल में मशीनों की खराबी बनी रहती है, जबकि हर साल पंप कैनाल की मरम्मत में लाखों रुपये खर्च होता है।
किसान राजकुमार यादव ने बताया कि धान की नर्सरी खुदी रखी है, खेत में पानी न होने की वजह से रोपाई नहीं हो पा रही है। किसान चेतराम पासवान ने कहा कि फसलों की सिंचाई के समय ही पंप कैनाल खराब हो जाता है। इस बार तो धान की रोपाई में सिंचाई व्यवस्था बदहाल है। खुन्नी पाल ने बताया कि चार दिन से पंप कैनाल की बिजली खराब है। विभागीय अधिकारी फाल्ट सही कराने में हीलाहवाली कर रहे हैं।
वर्जन-- ‘उपकेंद्र के अवर अभियंता बंसत लाल व कर्मचारियों को तत्काल फाल्ट सही करनेे के निर्देश दिए गए हैं। सुबह से हाईटेंशन लाइन व उपकेंद्र का फाल्ट सही कराया जा रहा है। जल्द ही आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।’ - नितिन जायसवाल, एसडीओ राधा नगर।