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बिंदकी मंडी के कर्मियों को नहीं मिल रहा वेतन

Tue, 07 Jul 2015 01:16 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, फतेहपुर।
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नगर के नवीन मंडी में तैनात कर्मचारियों को कई महीने से वेतन नहीं मिल रहा है, जिससे कर्मचारियों को अपना परिवार चलाने में खासी दिक्कतें हो रही हैं। इसके अलावा में सचिव व लिपिक भी नहीं हैं। यहां किसानाें व व्यापारियों का शोषण होना आम है।
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यहां पर बड़े पैमाने पर मंडी टैक्स की चोरी हो रही है। किसानों के लिए बनाया गया नीलामी चबूतरा गल्ला माफिया के कब्जे में है। 14 साल के बाद भी इस चबूतरे से अनाज की नीलामी नहीं की जाती है। गल्ला माफिया अपने मनमुताबिक किसान का अनाज खरीदते हैं।

किसान का अनाज आते ही यहां के लाइसेंसी आढ़तिया मनमाने तरीके से बिना नीलामी के अनाज ले लेते हैं। किसान के सामने मजबूरी होती है कि वह भाड़ा लगाकर अनाज मंडी तक लाता है। अगर अनाज वापस ले जाता है तो उसे और भाड़ा देना पड़ता है।
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कुछ व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां व्यापारियों का भी शोषण कुछ कम नहीं है। मंडी के कर्मचारी व्यापारियों से सीधे कीमत पर साढ़े पांच प्रतिशत टैक्स लेते हैं, वसूलते हैं, जिसमें मात्र ढाई प्रतिशत टैक्स ही सरकार के खाते में जमा होता है।

इस मंडी से प्रतिदिन दर्जनों ट्रक अनाज लाद कर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, बरेली, आदि प्रांताें के लिए जाते है। इन ट्रकों के  गेट पास बनवाने में भी लंबा खेल होता है। 50 रुपये के स्थान पर सौ रुपया वसूला जाता है और कुछ ट्रकों को पूरा नं. दो पर ही सौदा पटने में भेज दिया जाता है।

नगर के मंडी स्थल में किसानाें व व्यापारियाें को कोई सुविधा नहीं मिल रही हैं। यहां की पानी टंकी शोपीस बनी है। शौचालय में ताला बंद है। सड़क टूट चुकी है। बैंक व पुलिस चौकी न होने से असुरक्षा का भय है। किसानों व व्यापारियों ने बताया कि  यहां समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है।
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