क्षेत्र के कई गांवों के संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गए हैं। इससे ग्रामीणों व स्कूल के बच्चों को आने जाने में परेशानी हो रही है। वहीं थरियांव गांव के अंदर सड़क में जल भराव से लोग नारकीय जीवन गुजार रहे हैं। ग्रामीणों की फरियाद के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
क्षेत्र के असोथर रोड से छह किमी मीसा की सड़क ध्वस्त हो गई है। महिंचा मंदिर से रामपुर रोड 15 वर्ष पहले गिट्टी डालने के बाद अभी तक डामरीकरण नहीं हुआ है।
इससे डेढ़ किमी का रास्ता कच्चे रास्ते से भी बदतर है। वहीं थरियांव से मलांव करीब दो किमी सड़क ध्वस्त है। पूर्वांचल निर्माण विभाग ने करीब 14 साल पहले सड़क का निर्माण कराया था। इसके बाद आज तक सड़क दुरुस्त नहीं की गई।
थरियांव गांव के मनोज, मेवालाल, मलांव के सुरेंद्र, रामभवन, एसके पांडेय ने बताया कि थरियांव गांव में दो साल पहले पानी सप्लाई के लिए पाइप लाइन पड़ी थी, जिसमें सड़क में कच्ची पुराई कर दी गई। सड़क की मरम्मत न होने से गांव के अंदर पूरे सड़क में पानी भरा रहता है।
इसमें से करीब एक दर्जन गांवों के बच्चे रोज स्कूल आते-जाते हैं। कीचड़ होने से बाइक सवार व स्कूली बच्चे हमेशा गिर जाते हैं। सड़क की मरम्मत के लिए कई बार तहसील दिवस व निर्माण विभाग के अधिकारियों से मांग की गई है।