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3 दिन नहीं हमें हर रोज खोलने दें दुकानें

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- सराफा और गारमेंट व्यवसायियों को रास नहीं आ रही व्यवस्था संवाद न्यूज़ एजेंसी फतेहपुर। अनलॉक-1 के चार दिन गुजर चुके हैं। इसके बावजूद बाजार की गणित सुधरने का नाम नहीं ले रही है। लिहाजा सराफा और गारमेंट्स व्यापारियों को प्रशासन की व्यवस्था रास नहीं आ रही है। वह अल्टरनेट 3 दिन दुकान खोलने की बजाय पूरे 6 दिन दुकान खोलने की अनुमति चाह रहे हैं। भले ही उनका समय कम कर दिया जाए। दुकानदारों का कहना है कि 3 दिन दुकान खोलने और 3 दिन बंद रखने से ग्राहक टूट रहे हैं। लॉक डाउन के दौरान जो नुकसान हुआ है उसकी थोड़ी भरपाई के लिए का 6 दिन दुकान खोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। भले ही समय कम कर दें। अमर उजाला ने गुरुवार को चौक एरिया के सराफा और रेडीमेड का कारोबार करने वाले व्यापारियों से बात की तो यही कुछ निकल कर बाहर आया। फोटो- 12 सराफा कारोबारी पप्पन रस्तोगी ने बताया कि अल्टरनेट दुकानें खोले जाने से काफी नुकसान हो रहा है। 2 महीने की सहालग जा चुकी है। जून में 6 दिन सहा लग है। जिनके घर में विवाह होता है। वह काफी पहले ही ज्वेलरी की व्यवस्था कर लेते हैं। ऐसे में नहीं लगता कि इस महीने धंधा हो पाएगा। फोटो- 13 सराफा कारोबारी मोनू रस्तोगी का कहना है कि बाजार में बिल्कुल दम नहीं है । ग्राहक ना के बराबर आ रहे हैं। दुकानों मे काम करने वाले कारीगर लॉक डाउन में बंगाल जा चुके हैं। जो हालात हैं उन्हें दूर करने के लिए अल्टरनेट दुकान खोलने की व्यवस्था खत्म कर देनी चाहिए। फोटो- 14 गारमेंट विक्रेता सुमित रस्तोगी भी अल्टरनेट व्यवस्था के पक्षधर नहीं हैं। कहना है कि रोज मार्केट न खुलने से ग्राहक टूट रहे हैं। देहात और कस्बों से लोग नहीं आ रहे है। जब तक नियमित दुकाने नहीं खुलती तब तक कारोबार की बात भी सोचना बेमानी जैसा है। फोटो- 15 कपड़ा दुकानदार विक्की का कहना है कि प्रशासन की अल्टरनेट व्यवस्था की वजह से दुकानदारी नहीं हो पा रही है। अच्छा होगा कि दुकानों के नियमित खुलने का समय सुबह 9:00 से 4:00 बजे तक कर दिया जाए।
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