फतेहपुर। स्वास्थ्य विभाग ने अनिमियतता बरतने वाले प्राइवेट अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने अवैध रूप से चल रहे तीन अस्पतालों को सील कर वहां ताला लगा दिया है। इसमें नउवाबाग स्थित मदर केयर नर्सिंग होम, शांतिनगर स्थित न्यू राधे हॉस्पिटल व संगम हेल्थ केयर शामिल हैं। इसमें न्यू राधे अस्पताल पंजीकृत नहीं था। संगम हेल्थ केयर ने नवीनीकरण नहीं कराया था। मदर केयर नर्सिंग होम ने स्थल परिवर्तन करके फायर की एनओसी नहीं ली थी। तीनों अस्पतालों में डॉक्टर भी नहीं बैठते थे। यह अस्पताल संचालकों के भरोसे चल रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों की जान से खेलने वाले तीनों अस्पतालों को सील कर दिया है।
बता दें कि अधूरे संसाधनों के कारण 94 में से 22 अस्पताल बिना फायर विभाग की एनओसी के संचालित हो रहे हैं। इन अस्पतालों में और भी मानक आधे-अधूरे हैं। ऐसा लग रहा है कि जिम्मेदारों को भी किसी अनहोनी का इंतजार है। स्वास्थ्य और दमकल दोनों विभाग एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फायर एनओसी के मामले में एफआईआर दमकल विभाग भी करा सकता है, जबकि दमकल विभाग का कहना है कि लाइसेंसी अथॉरिटी तो स्वास्थ्य विभाग के पास होती है। स्वास्थ्य विभाग ही सीलिंग समेत पुलिस एफआईआर करा सकता है।
दमकल विभाग के अनुसार वीआईपी रोड स्थित विकास हॉस्पिटल, गैस एजेंसी रोड स्थित न्यू सागर हॉस्पिटल, वीआईपी रोड तांबेश्वर चौराहा स्थित विकास नर्सिंग होम, तांबेश्वर चौराहा स्थित अंश हॉस्पिटल एवं प्रसव केंद्र ने आग से निपटने के नियमानुसार इंतजाम नहीं किए हैं। इसी तरह शादीपुर चौराहा स्थित कृष्णा हॉस्पिटल, सिविल लाइन स्थित फतेहपुर नर्सिंग होम, शांति नगर स्थित राम हेल्थ केयर सेंटर, हरी गार्डेन लखनऊ रोड स्थित मिनरवा हॉस्पिटल, शांति नगर स्थित आस्था हॉॅस्पिटल ने भी फायर नियमों का पालन नहीं किया है। वहीं दरियामऊ खागा स्थित न्यू अरिसा हॉस्पिटल, नउवाबाग स्थित मदर केयर नर्सिंग होम, जयराम नगर जोनिहा चौराहा स्थित आकृति नर्सिंग होम, सिविल लाइन स्थित सुमन नर्सिंग होम ने भी नियमों का पालन नहीं किया है।
इसी तरह तेलियानी ब्लॉक के सामने जेल रोड स्थित ओम सावित्री नर्सिंग होम, नउवाबाग स्थित एसपी मेमोरियाल पॉलीक्लीनिक, जीटी रोड स्थित मां चैरिटेबल ट्रस्ट, जीटी रोड सेंट जेवियर्स स्कूल के सामने प्रभात हॉस्पिटल, खागा स्थित मां सरस्वती हॉस्पिटल, आबूनगर डाकबंगला स्थित प्रकाश नर्सिंग होम, अशोक नगर स्थित साईं नर्सिंग होम, असोथर रोड थरियांव स्थित त्रिपाठी नर्सिंग होम व आबूनगर स्थित निर्मला पाल मेडिकल सेंटर को नियमों का पालन नहीं करने पर एनओसी जारी नहीं किया गया है।
- स्वास्थ्य विभाग बिना एनओसी वाले अस्पतालों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है।
- बिना एनओसी के अस्पतालों का हर साल नवीनीकरण कैसे हो रहा है।
- पुरानी व निरस्त हो चुकी एनओसी के आधार पर नवीनीकरण की अनुमति क्यों दी जा रही है।
- स्थल परिवर्तन पर स्वत: फायर एनओसी रद्द होने की जानकारी के बाद भी नवीनीकरण क्यों किया जा रहा है।
- फायर एनओसी समेत सभी मानकों पर अस्पतालों की अनियमितताओं की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। फायर एनओसी न होने पर दमकल विभाग भी एफआईआर करा सकता है।
डॉ. राजीव नयन गिरि, सीएमओ
- लाइसेंसी अथॉरिटी स्वास्थ्य विभाग के पास है। तत्काल सीलिंग समेत एफआईआर की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग ही कर सकता है। विभाग अपना पल्ला झाड़ रहा है।
उमेश गौतम, मुख्य अग्निशमन अधिकारी