असोथर। न कोई रिश्ता था न कोई पहचान फिर भी दो युवकों ने इंसानियत का फर्ज निभाते हुए सड़क किनारे बेहोश पड़ी वृद्धा की मदद कर उसकी जान बचा ली। समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने से वृद्धा को उपचार मिल सका और उनकी हालत में सुधार है। युवकों के इस मानवीय प्रयास की सराहना हो रही है।
जरौली के मजरे राजाराम का डेरा निवासी गोकरन की पत्नी चंदा देवी (65) बीमारी के चलते इलाज कराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र असोथर आ रही थीं। रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ने से वह कस्बे के बाहर सड़क किनारे बेहोश होकर गिर पड़ीं। काफी देर तक वह उसी हालत में पड़ी रहीं।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे राहुल शर्मा और राकेश पाल की नजर वृद्धा पर पड़ी। दोनों युवकों ने बिना देर किए मदद के लिए हाथ बढ़ाया और अपनी बाइक से चंदा देवी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. शैलेश ने बताया कि शरीर में पानी की कमी के कारण चंदा देवी डिहाइड्रेशन से प्रभावित हो गई थीं। इससे उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया था। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार है। इसके बाद राहुल शर्मा और राकेश पाल वृद्धा को सुरक्षित उनके घर छोड़ आए।