फतेहपुर। प्री-प्राइमरी शिक्षा के तहत सभी को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल वाटिकाओं में तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के नामांकित बच्चों को नई अभ्यास पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन पुस्तिकाओं के माध्यम से बच्चों की भाषा, अंक और कला दक्षता को विकसित किया जाएगा। नए शिक्षा सत्र में छात्रों को चहक 1, 2, 3, कदम, कलांकुर, बालवाटिका हस्तपुस्तिका और बिग बुक जैसी पुस्तकें वितरित की जाएंगी।
जिला समन्वयक प्रशिक्षण अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए चहक, कदम और कलांकुर सहित कई अभ्यास पुस्तिकाएं तैयार की हैं। इसके साथ ही 12 प्रकार की बड़ी पुस्तकें और समग्र प्रगति रिपोर्ट भी बनाई गई है। इनका उद्देश्य बच्चों को शुरुआती शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि इन पुस्तिकाओं के माध्यम से बच्चे भाषा, अंकीय ज्ञान और कला-कौशल को सहज तरीके से सीख सकेंगे। इसमें विकसित भाषा, अंकीय दक्षता, कला एवं क्राफ्ट आधारित गतिविधियों के लिए चहक 1, 2, 3, कदम, कलांकुर, बालवाटिका हस्तपुस्तिका (टीचर गाइड), 12 प्रकार की बिग बुक और होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड शामिल हैं। सभी पुस्तकें नए शिक्षा सत्र में बाल वाटिकाओं में वितरित की जाएंगी।