दुर्घटनाओं में बढ़ रहे मौतों के ग्राफ पर अंकुश
लगाने के लिए यातायात प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने गुरुवार को एक पहल की।
बिना हेलमेट दोपहिया वाहनों से फर्राटा भरने वालों को रोका, समझाया और
चालान काटने की बजाय उन्हें हेलमेट खरीदवाकर पहनाया। इसका फायदा यह हो रहा
है कि बाइक सवार को चालान और जुर्माने के झंझट से जहां मुक्ति मिल रही है
वहीं उसके पास हेलमेट भी हो जाता है।
वैसे बाइक सवारों का हेलमेट न
लगाना आम बात है। इससे कभी न कभी उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है। नतीजतन
क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक में हर दिन एक युवक की हादसे
में मौत होती है।
हादसे में मरने वालों में अधिकांश बाइक सवार होते हैं।
‘हेलमेट लगाएं जीवन बचाएं’ के तहत चलाए जा रहे अमर उजाला के अभियान से
पुलिस प्रशासन भी जुड़ गया है।
यातायात प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने जीवन
रक्षा के संदेश को आगे बढ़ाते हुए बाइक सवारों को हेलमेट खरीदवाने पर जोर
दिया है। उनका कहना है कि चालान और जुर्माने की कार्रवाई को बाइक सवार भूल
जाते हैं।
वहीं हेलमेट दिलाने की कार्रवाई से उसके पास तुरंत हेलमेट हो
जाता है। बाइक सवार को यह भी हिदायत दी जाती है कि अगर वह दोबारा हेलमेट
पहने नहीं मिला तो फिर से हेलमेट खरीदना पड़ सकता है। बाइक सवार को उसके
जीवन सुरक्षा के लिए प्रेरित किया जाता है।