फतेहपुर। मृतक के भाई सौरभ ने बताया कि वे लोग वर्ष 1982 से नेहरू नगर की एक इमारत में किराए पर रह चुके हैं। कुछ समय पहले बिल्डिंग पड़ोस के एक सभासद ने खरीदी ली है। वह उमेश का साथी है।
सभासद और उसके साथ कई बार उनसे मकान खाली करने को लेकर विवाद कर चुके हैं। उमेश ने भी इस बात को लेकर संदीप से पहले भी विवाद किया था। आरोप है कि इसी रंजिश में आरोपी पीएचसी के लैब टेक्नीशियन के साथ आया था। उसने हत्या का पहले से पूरी योजना बना रखी थी।
मृतक के भाई ने बताया कि आरोपियों ने भाई पर किसी खंजर से हमला किया। मृतक के सिर और चेहरे में गंभीर चोटें हैं। उसके आंख और कान पर भी गहरा घाव है। शहनवाज ने रात करीब नौ बजे उनके पड़ोस के एक होटल संचालक को फोन पर सूचना दी कि संदीप को हार्ट अटैक आया है। लेकिन उनके गले यह बात नहीं उतरी। वह फौरन फतेहपुर के लिए रवाना हुए।
ठंड से मौत दिखाने की रची थी साजिश
आरोपी सूचना देने के बाद रात करीब 12 बजे संदीप को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। घटना के बाद आरोपी शव को ठिकाने लगाने की योजना बना रहे थे पर कामयाब नहीं हुए। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के मृत घोषित करते ही आरोपियों ने उसी की कार में उसे बैठाया। कार से शहनवाज अपने घर पहुंचकर अपनी मौजूदगी दर्ज की। इसके बाद मृतक के साथ कार को अस्पताल में छोड़ने की योजना बनाई, जिससे रात में ठंड से मौत साबित हो। कार छोड़कर अस्पताल से भागते समय एंबुलेंस चालकों ने सक्रियता दिखाई और अस्पताल पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर मलवां थाना सूचना दी। पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया।
कोट
प्रथमदृष्ट्या मामला मारपीट होने के बाद करा चालक की हत्या का सामने आया है। दोनों आरोपियों को गैर-इरादतन हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच चल रही है। साक्ष्य मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी। -वीर सिंह, सीओ सिटी। फतेहपुर।