नेशनल सेमिनार को संबोधित करते पीएस मिश्रा
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नगर के कुंवरपुर रोड स्थित राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नेशनल सेमिनार के दूसरे दिन भी पर्यावरण प्रदूषण पर चिंता जताई गई। कहा गया कि यदि समय रहते नहीं चेता गया तो भूमंडल त्रासदी को नहीं रोका जा सकेगा। मुख्य अतिथि प्रो. जीएस गुप्ता ने कहा कि प्राचीन काल में लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग थे। वृक्षों, नदियों एवं प्रकृति के विभिन्न तत्वों की पूजा-अर्चना के पीछे हमारे ऋषियों, मुनियों की प्रखर वैज्ञानिक दृष्टि थी। हमारे पूर्वज प्रकृति और संस्कृति के प्रति सहचर्य, पूर्ण विचारधारा रखते थे।
दूसरे दिन का शुभारंभ सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डा. पीएस मिश्रा ने कहा कि भारत सहित संपूर्ण विश्व प्रदूषण की विभीषिका से डरा है। इस त्रासदी से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। रिसोर्स पर्सन डा. एके सैनी ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण से छुटकारा पाने के लिए, पर्यावरणविद्, भूगोलवेत्ता, समाज शास्त्री, मनोवैज्ञानिक, नियोजक, राजनीतिज्ञ, समाजसेवी संस्थाओ, युवा पीढ़ी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का सार्थक प्रयास करें।
कार्यक्रम का संचालन डा. सपना पांडेय ने किया जब कि व्यवस्था संभालने वालों में डा. अरविंद शुक्ला, डा. रश्मि सिंह, डा. मीता अरोरा, डा. शरद राय, डा. अमित जायसवाल, डा. नीरज राय, डा. प्रियंका आदि शामिल रहे।