फतेहपुर। लॉकडाउन ने भी रोजेदारों की संख्या बढ़ा दी है। मई का माकूल मौसम भी साथ दे रहा है। रोजेदार, फुरसत के लम्हों को इबादत में गुजार रहे हैं।
यूं तो यह महीना पाकीजा है और हर मुस्लिम इस महीने रोजा रखकर अल्लाह की रहमत की बारिश से सराबोर होना चाहता है। मई की गर्मी परेशान कर देती है। इस बार 25 अप्रैल से रमजान चालू हुआ तो लॉकडाउन की वजह से लोग घरों में थे और वक्त भी खाली था।
लिहाजा बंदों ने इस फुरसत को अल्लाह की इबादत में गुजारने का फैसला ले लिया। नतीजा यह रहा कि हर चौखट पर रोजेदारों की संख्या बढ़ गई। सामूहिक इबादत पर पाबंदी होने से इसका आकलन नामुकिन है लेकिन इजाफा कम से कम 40 फीसदी का है।
बाकरगंज के हाता चांदशाह के रहने वाले शिया हजरात के सैय्यद फरहत कहते हैं कि बारिश होने से यह महीना माकूल हो गया है। लॉकडाउन से प्रदूषण कम हुआ है। बिंदकी के कजियाना (दक्षिणी) निवासी रफाकत हुसैन भी मानते हैं कि इस मर्तबा रोजेदारों की तादाद बढ़ी है क्योंकि लोग घरों में हैं। हर बार काम धंधों में व्यस्त रहने वालों ने भी इस बार रोजा रखा है।