फतेहपुर। किशोरियों से दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने आरोपियों को सजा सुनाई है। घटना के बाद से अदालत में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने वाली पीड़िताओं और उनके परिजनों को सोमवार को न्याय मिल सका। अदालत का आदेश आने के बाद दोनों घटनाओं के आरोपियों को जेल भेज दिया गया। तीन दोषियों को कोर्ट ने सजा सुनाने के साथ ही उन पर अर्थदंड भी लगाया है।
किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष की कैद
किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 24 जनवरी 2014 को 16 साल की किशोरी शौच के लिए गई थी। तभी अनताभ लोधी उसे घसीटते ले गया और दुष्कर्म किया। चीख-पुकार सुनकर मां बचाने आई तो अनताभ ने मां को पीटकर भगा दिया। घटना में एफआईआर के बाद से प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। सोमवार को सहायक शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र उत्तम की पैरवी पर अपर जिला जज पारुल श्रीवास्तव ने मुल्जिम को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मानसिक कमजोर बच्ची से दुष्कर्म के दो आरोपियों को 20 साल की कैद
22 दिसंबर 2016 को एक मानसिक कमजोर बच्ची मामा के घर जा रही थी। रास्ते में उसे दिनेश लोधी और संतराम मिल गए। दोनों उसे इटावा और फिर कौशांबी ले गए। वहां के एक ईंट भट्ठे में दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बच्ची को ईंट भट्ठे से बरामद किया था। मामला कोर्ट में विचाराधीन था। सोमवार को सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेश कुमार श्रीवास्तव के तर्कों से सहमत होकर अपर जिला जज रविकांत ने दिनेश लोधी और संतराम को 20-20 साल की कैद और और 25-25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड से 40 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। अर्थदंड न देने पर मुल्जिमों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।