प्रधानमंत्री का गंगा को निर्मल और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नमामि गंगे अभियान जागरूकता के अभाव में सफल नहीं रहा है। ग्रामीण अभी भी गंगा में मवेशी के शवों बहा रहे हैं। शव जलाने के बाद राख आदि भी गंगा में प्रवाहित करते हैं।
गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, लेकिन जागरूकता के अभाव में सारे अभियान फेल हो रहे हैं।
ग्रामीण स्वच्छता का मतलब ही नहीं समझ पाते हैं। मंगलवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। नौबस्ता गंगा घाट में ग्रामीण मवेशी के शव को गंगा में प्रवाह करते हैं।
इनको नमामि गंगे अभियान से कोई सरोकार नहीं है। इन लोगो से गंगा स्वच्छता अभियान की जानकारी ली गई, तो कोई जवाब नहीं दे पाए।
गंगा घाट के किनारे पड़ी गंदगी भी स्वच्छता अभियान की पोल खोल रही है। यही हाल रहा तो गंगा को स्वच्छ रखने का अभियान पूरा नहीं होने वाला है।