फोटो-09-धर्मांगदपुर गांव स्थित झोपड़ी में लगा मशरूम। संवाद
फतेहपुर। हथगाम विकास क्षेत्र के ग्राम धर्मांगदपुर निवासी संयोगिता देवी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। राधे-राधे महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य संयोगिता ने मशरूम की खेती को आजीविका का माध्यम बना अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की। साथ ही चार अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया है।
वर्ष 2022 में समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लाभ लिया और 2023 में मशरूम उत्पादन शुरू किया। इस कार्य के लिए उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने व्यवस्थित रूप से उत्पादन प्रारंभ किया।
शुरुआत में बाजार की समस्या आई लेकिन बाद में एनआरएलएम के माध्यम से कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज के बाजार उपलब्ध हो गए। वर्तमान में वह 10 झोपड़ियों में मशरूम का उत्पादन कर रही हैं। इस व्यवसाय से उन्हें प्रति सीजन तीन लाख रुपये से अधिक का लाभ हो रहा है।
संयोगिता का कहना है कि कम लागत और कम जगह में शुरू की गई इस खेती ने न केवल उनके परिवार की आय बढ़ाई बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार के अवसर पैदा किए हैं। वह हर वर्ष एक नया हट (झोपड़ी) बढ़ाने की योजना बना रही हैं। ताकि अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
फोटो-09-धर्मांगदपुर गांव स्थित झोपड़ी में लगा मशरूम। संवाद