कानपुर। सचेंडी की रामगंगा नहर में दो अगस्त को मिले युवक के शव के मामले में बिधनू स्थित ट्रक बॉडी मेकिंग कारखाना मालिक समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्नाव के शुक्लागंज निवासी नीलम चतुर्वेदी ने शव की शिनाख्त अपने भाई मनीष कुमार पांडेय (31) के रूप में की थी।
नीलम के मुताबिक मनीष चार साल से बिधनू के ओरियारा गांव में रमेश दुबे के ट्रक बॉडी मेकिंग कारखाने में काम करता था। आरोप है कि 26 जुलाई को रमेश ने अपने भतीजे अन्नू दुबे, कर्मचारियों अनूप मिश्रा और लकी मिश्रा तथा इलाके के बादशाह व उसके सहयोगियों के साथ मिलकर मनीष की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव नहर में फिंकवा दिया गया।
नीलम के मुताबिक मनीष फतेहपुर के चांदपुर थाना क्षेत्र के गोहरारी गांव का निवासी था। एक अगस्त को गांव के एक युवक ने मनीष की मौत की सूचना दी थी। मौके पर पहुंचने पर कारखाना मालिक रमेश ने बताया कि मनीष की 26 जुलाई को मौत हो गई थी और उसका शव जल प्रवाहित कर दिया गया था। इसी बीच दो अगस्त को सचेंडी की रामगंगा नहर में शव मिला।
नीलम के मुताबिक बिधनू पुलिस की ओर से कार्रवाई न किए जाने पर उन्होंने सीपी से शिकायत की थी। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज की गई। बिधनू इंस्पेक्टर तेज बहादुर सिंह ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।