फतेहपुर। अपने बहनोई की गैर इरादतन हत्या में जेल गया अनुज उर्फ पप्पू शुक्ला घटना के बाद बहन का हमदर्द बने रहने के लिए 11 जून तक कानपुर के मधुराज हास्पिटल में बहनोई के साथ रहा। शाम को जैसे ही ठेकेदार मनीष तिवारी की हालत बिगड़ने लगी और डॉक्टर ने जवाब दे दिया तो अनुज वहां से चुपचाप भाग निकला।
जेल जाने से पहले पुलिस ने अनुज से पूछताछ की तो उसने बताया कि बहनोई मनीष के घायल होने के दिन से वह उनके साथ ही कानपुर के अस्पताल में रहा। ताकि परिवार के लोगों की नजर में उसकी गलती कुछ कम हो सके। फिर जब बहनोई की हालत बिगड़ी तो वह 11 की शाम चुपचाप वहां से भाग निकला और मोबाइल बंद कर लिया। 11 जून की रात ही मनीष का निधन हो गया लेकिन वह नहीं आया और न ही अंतिम संस्कार में पहुंचा।
पुलिस के मुताबिक वह कानपुर में एक होटल में रहा और किसी से संपर्क नहीं किया। पुलिस ने उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगा रखा था। 27 को अनुज कानपुर से लखनऊ बाईपास पहुंचा और उसने अपना मोबाइल चालूकर दोस्त से संपर्क करना चाहा तभी पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई। कुछ ही देर में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मनीष हत्याकांड में अनुज का दोस्त गौरव अग्निहोत्री भी घायल हो गया था। तीन जून की रात सदर अस्पताल में इलाज कराने के बाद वह चुपचाप अपने घर घाटमपुर चला गया और मोबाइल बंद करके वहीं पर रहा। पुलिस उससे संपर्क का प्रयास कर रही थी लेकिन वह नहीं मिल रहा था। कुछ दिन पहले जब वह ज्वालागंज बस अड्डे आया तो पुलिस को इसकी खबर लग गई। फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।