फतेहपुर। नगर पालिका ने शहर की प्रकाश व्यवस्था का आधुनिकीकरण कर हर महीने आठ लाख बचा रही। निवर्तमान बोर्ड की यह व्यवस्था शहर के विकास में अहम है। हर महीने बिजली बिल में खर्च होने वाली 14 लाख की धनराशि घटकर छह लाख पर आ गई। बिजली बिल बचाकर नगर पालिका ने चार साल में तीन करोड़ 84 लाख की धनराशि शहर के विकास में खर्च किया।
शहर में छह हजार बिजली के खंभों पर स्ट्रीट लाइटें नगर पालिका ने लगा रखी है। इन सभी में पहले मर्करी लगी थी। चार साल पहले नगर पालिका स्ट्रीट लाइट के बिजली के बिल में 14 लाख हर महीने अदा करती रही। निवर्तमान बोर्ड ने पहली बैठक में सभी प्रकाश प्वाइटों पर एलईडी लाइटें लगाने का प्रस्ताव पास किया था। एक साल के भीतर नगर पालिका ने शहर में पुरानी 45 सौ मर्करी बदलकर एलईडी लाइटें लगाई। इसके बाद से बिजली के बिल घटकर छह लाख में सिमट गया। इस तरह से हर महीने आठ लाख बिजली के बिल की बचत कर सालाना 96 लाख बचाया, जो चार साल में तीन करोड़ 84 लाख होता है।
बड़ी धनराशि बचाकर निवर्तमान बोर्ड ने यह धनराशि शहर के विकास में खर्च की। निवर्तमन बोर्ड का यह फैसला शहर के विकास में अहम भूमिका अदा कर रहा है। ईओ नगर पालिका समीर कुमार कश्यप का कहना है कि एलईडी लगाकर नगर पालिका के खर्च में बड़ी कटौती की गई। पहली की अपेक्षा हर महीने करीब आठ लाख का बिजली का बिल घट गया है।