फतेहपुर। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक के न्यायाधीश अजय कुमार सिंह प्रथम ने बहू को आग लगाकर जलाने के मामले में बुधवार को सास-ससुर को दोषी करार दिया। खागा कोतवाली क्षेत्र के पांभीपुर गांव निवासी आशा देवी और उसके पति रामबाबू को सात-सात वर्ष के कारावास और छह-छह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। मामले में आरोपी दो ननद प्रभा और कुसमा की सुनवाई दूसरी अदालत में चल रही है।
राधानगर थाना क्षेत्र के मलाका गांव निवासी छोटेलाल की बहन माधुरी की शादी 11 मार्च 2011 को पांभीपुर गांव निवासी शेर सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद सास आशा देवी, ससुर रामबाबू और ननदें प्रभा व कुसमा दहेज में ढाई लाख रुपये की मांग को लेकर माधुरी को प्रताड़ित करते थे। एक मार्च 2017 को माधुरी का पति काम से बाहर गया था। इसी दौरान ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट की और तेल डालकर आग लगा दी। गंभीर हालत में उसे कानपुर ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आशा देवी और रामबाबू को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।