बहुआ। हर समय अपने बेटियों को गुड़ियों के सरीखे पालने वाली मां जब इस दुनिया को छोड़कर गई तो उसकी लाडली बेटियां मां से लिपटकर रो भी नहीं सकी।
आग से खाक हुए मां के शरीर को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया तो दो बेटियां मां के शव को देखकर सिसक रहीं थीं। पहले पिता और अब मां का साथ छूटने से अनाथ हुई बेटियां अपनी दादी के घर चली गई।
शहनाज का पति बफाती मजदूरी करके परिवार का पालन रहा था। करीब चार महीने पहले उसने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
इसके बाद शहनाज पर तीन बेटियों की जिम्मेदारी आ गई। पति के जाने के बाद तनाव में रहने वाली शहनाज मोहल्ले के लोगों से मिलने में भी कतराने लगी और अकेले ही रहने लगी थी।
गुमसुम रहने वाली शहनाज सोमवार की सुबह यह कदम उठा लेगी, किसी को यकीन नहीं था। घटना के बाद लोगों की नजर जब उनके बच्चों पर गई तो वह भी गमगीन हो गए।
मां का शव देखकर जोया और फलक को सिसक रहे थे लेकिन हया खामोश थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि बेटियां तो दादी के साथ चली गई लेकिन उनकी हालत भी बहुत अच्छी नहीं है।
शहनाज का जेठ रईस गंभीर बीमारी से जूझ रहा हैं। सास शहीदुन भी चलने-फिरने में असमर्थ है। उसके दो देवर शरीफ व सत्तार मजदूरी करके अपना परिवार पाल रहे हैं।