फतेहपुर। श्रीमद्भागवत कथा की अमृतवर्षा का पुण्यलाभ उठाने को मंगलवार को बड़ी तादाद में श्रोता जुटे। केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने श्याम चरित्र का वर्णन किया। भक्ति कार्यक्रम में कहा कि प्रभु ने दो प्रकार की से धरा की रचना की है। इसमें एक बांधती है और दूसरी छुड़ाती है। मोह बंधन में बांधती है और विद्या छुड़ाती है।
आईटीआई मैदान में श्रीमद् भागवत सेवा समिति के इस आयोजन में कथावाचक बनी जिले की सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि भगवान ने जब श्याम सुंदर के रूप में धरती पर अवतार लिया तो उनकी सेवा और लीला में सहयोग करने के लिए देवता व संतगण गोप-गोपियों के रूप में अवतार लिया। भगवान श्रीकृष्ण के बंसी की ध्वनि गोपियों के कानों में पहुंचती है, तो वह दौड़ती हुई रासस्थल पहुंच जाती हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने अनेक रूप धारण कर जीवन के रहस्य का ज्ञान कराने का काम किया है। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह, कृष्ण-सुदामा चरित्र, कंस वध की कथा का वर्णन किया। इस मौके पर अरविंद बाजपेई, शिव प्रताप सिंह, कुलदीप भदौरिया मौजूद रहे।