संवाद न्यूज एजेंसी
औंग (फतेहपुर)। लॉकडाउन में काम धंधा बंद होने पर एक माह पहले महेंद्र गांव लौट आया। काम की तलाश में वह काफी इधर-उधर भटका लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा। चिंता इस कदर सताने लगी कि उसने बुधवार रात फांसी लगाकर जान दे दी।
औंग थाने के गंगचौली खुर्द गांव के शाहपुर निवासी महेंद्र (26) अविवाहित था। वह दमन में प्राइवेट नौकरी करता था। लॉकडाउन में काम बंद होने पर एक माह पहले किसी तरह वह गांव लौटा था। उससे बड़े तीन भाई गांव में रहते हैं। महेंद्र भाइयों के साथ रहता था। बड़े भाई सियाराम ने बताया मुंबई से आने के बाद महेंद्र तनाव में रहता था। बेरोजगार होने की वजह से परेशान रहता था। उसकी कमाई भी लॉकडाउन में खर्च हो गई थी। वह रात में करीब 10 बजे कमरे में सोने गया था। देर रात उसकी नींद खुली। तभी खिड़की से कमरे में झांका तो छत के कुंडे से रस्सी के फंदे से महेंद्र लटका हुआ था। उसने शोर मचाकर परिवार को जगाया। दरवाजा तोड़कर कमरे में घुसे। रस्सी काटकर महेंद्र को नीचे उतारा लेकिन बहुत देर हो चुकी थी। आत्महत्या बेरोजगारी के अवसाद में की है। एसओ बृजेश बहादुर सिंह ने बताया 112 नंबर की सूचना पर पुलिस गई थी। पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।