बिंदकी। राष्ट्रीय एकता को समर्पित शाम-ए-सरदार कवि सम्मेलन-मुशायरे में कवियों और शायरों ने देशप्रेम, हास्य-व्यंग्य और समसामयिक विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत कर देर रात तक श्रोताओं की तालियां बटोरीं। खिदिरपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम बृहस्पतिवार रात करीब एक बजे तक चला।
कार्यक्रम में कवि एवं शायर शिवशरण बंधु ने पढ़ा कि हम किसी को सताने नहीं आए हैं, दिल किसी का दुखाने नहीं आए हैं, सिर्फ आंसू बहाने नहीं आए हैं। उनकी रचना पर श्रोताओं ने खूब वाहवाही की। कानपुर नगर के लाल सिंह प्रहरी ने पढ़ा कि रखे हथियार हैं हमने अपने संभाल कर, बैठना यारों, निशाना लगाना नहीं भूला। कवि एवं साहित्यकार डॉ. सत्येंद्र पटेल प्रखर ने अपनी रचना से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।
कवि अनूप कटियार प्रिय, डॉ. मानसिंह मान, संदीप शरारती, शिवम हथगामी और सुमन लता सचान ने भी देशप्रेम, वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और हास्य-व्यंग्य से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रामकिशोर वर्मा ने भी रचना पाठ किया। कवियों ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद किया।
इस मौके पर संयोजक मुकेश भाई पटेल, सत्येंद्र पटेल प्रखर, धर्मपाल सिंह पटेल, जगदीश्वर पटेल, वीरेंद्र सिंह पटेल, रामबरन वर्मा, शैलेंद्र विश्वकर्मा, दिनेश पटेल, प्रदीप पटेल, सुशील पटेल, पप्पू पटेल, डॉ. रवि पटेल, राजेंद्र पटेल और सुरेंद्र पटेल मौजूद रहे।
फोटो-03-बिंदकी कस्बे में आयोजित कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में रचनाएं सुनाते कवि। संवाद