फतेहपुर। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति %दोिशा’ की बैठक विकास भवन सभागार में शनिवार को नए तेवर और कलेवर में हुई। अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय ग्राम्य विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने नेताओं के आए प्रतिनिधियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। उन्होंने कहा कि यह जिले का सदन है और यहां किसी के प्रतिनिधि की कोई आवश्यकता नहीं है। लिहाजा यहां सिर्फ वही लोग बैठें जो खुद इसके लिए नामित हों।
साध्वी के इतना कहते ही ब्लाक प्रमुख खजुहा के प्रतिनिधि सुतीक्षण सिंह, ब्लाक प्रमुख हथगाम के प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह और एमएलसी दिलीप सिंह के प्रतिनिधि जेपी यादव सहित अन्य कई प्रतिनिधियों को सभागार छोड़कर बाहर जाना पड़ा। शुरुआत में ही इतना सब हो जाने से अधिकारियों और अन्य नेताओं में सन्नाटा पसर गया। इसके बाद बैठक एजेंडे में शामिल योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा शुुरू हुई।
जिला पंचायत सदस्य नरसिंह पटेल ने वृद्धावस्था पेंशन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पेंशन के वार्षिक सत्यापन के दौरान ग्राम प्रधान, विभागीय और पंचायत कर्मी मिलकर कई लाभार्थियों को मृतक दिखा देते हैं। उनकी पेंशन बंद हो जाती है। इस मामले में उन्होंने दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। इसके बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में खजुहा से अमौली और मुत्तौर से ललौली की रोड समय से पहले टूट जाने का मसला भी छाया रहा। जिसमें संबंधित ठेकेदार से दोबारा मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। साध्वी ने इसमें ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जनपद के सफाई कर्मियों को फोटोयुक्त आई कार्ड उपलब्ध कराने और पंचायत भवन में का नाम व मोबाइल नंबर की पेंटिंग कराने के निर्देश डीपीआरओ को दिए। बैठक में कारागार राज्यमंत्री जय कुमार जैकी, खागा विधायक कृष्णा पासवान, बिंदकी विधायक करण सिंह पटेल, अयाहशाह विधायक विकास गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश वाजपेयी, विधान परिषद सदस्य दिलीप सिंह उर्फ कल्लू यादव, जिलाधिकारी संजीव सिंह, पुलिस अधीक्षक रमेश, मुख्य विकास अधिकारी चांदनी सिंह सहित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब
बैठक में अधिशासी अभियंता विद्युत स्टोर, खंड विकास अधिकारी ऐरांया, लीड बैंक प्रबंधक, डाक विभाग और पुरातत्व विभा के अधिकारी अनुपस्थित रहे। जिस पर जिलाधिकारी ने इन सभी को स्पष्टीकरण नोटिस देकर इनसे जवाब तलब किया है। डीएम ने कहा कि जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर इनका वेतन रोक दिया जाएगा।
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कृषि मंत्री समेत कई नेता भी रहे अनुपस्थित
जिले के सदन से कृषि राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह और सदर विधायक विक्रम सिंह नदारद रहे। इसी क्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. निवेदिता सिंह और ग्यारह क्षेत्र पंचायत प्रमुख एवं छह नगर निकायों के अध्यक्ष अनुपस्थित रहे।
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पूर्व अध्यक्ष की मौजूदगी की रही चर्चा
फतेहपुर। नेताओं के प्रतिनिधियों को बैठक से बाहर किए जाने के बावजूद पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश वाजपेई का बैठक में मौजूद रहना चर्चा का विषय बना रहा। जब साध्वी के निर्देश पर सारे प्रतिनिधि बैठक से बाहर चले गए तब उस अवस्था में एक पूर्व जिलाध्यक्ष की सदन के अंदर मौजूदगी को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं होती रहीं। बैठक से बाहर आए नेता आपस में चर्चा करते रहे कि साध्वी से नजदीकी होने के कारण बैठक से बाहर नहीं किया गया और वो जिला पंचायत अध्यक्ष के नाम आरक्षित कुर्सी पर अनधिकृत रूप से पूरी बैठक में जमे रहे।