खागा। पशु अस्पताल परिसर में सोमवार को पशुधन गोष्ठी हुई। पशुपालन से लाभ व मवेशियों को बीमारी से बचाने के उपाय बताए गए।
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसबी शर्मा ने कहा कि गोवंश प्रजाति में बछड़ा अधिक होने से पशुपालकों के लिए समस्या ज्यादा हो रही है। इसके लिए मवेशी पालक अपने मवेशियों में सेक्सड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान कराएं। इससे नर पशुओं की कमी आएगी। डॉ. प्रवीण सचान ने बताया कि पशुपालन से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। खेती करने वाले लोगों को गोबर की खाद उपलब्ध होगी।
रासायनिक खादों का उपयोग नहीं करना पड़ेगा। फसलों के उत्पादन में लागत भी कम होगी। साथ ही दुधारू मवेशियों से रोज की आय बनेगी और घर के खर्च आसानी से चल सकेंगे। उन्होंने कहा कि मवेशियों को बीमारी से बचाने के लिए समय पर टीका लगवाएं। डॉ. अनिल सिंह, डॉ. भूवनेश, डॉ. अनुपम, डॉ. एके मिश्रा ने पशुपालन के विषय में बताया। इस मौके पर पशु पालक मनोज कुमार, प्रमोद, राममिलन, उमेश सिंह, उग्रसेन आदि मौजूद रहे।