पत्नी के घर छोड़ने से नाराज सिरफिरे ने शुक्रवार की
रात अपनी मां को गोली मार दी। बीच बचाव कर रही बहन को भी गोलियों के छर्रे
लगे हैं। आरोपी ने मां पर फावड़े से भी हमला किया था। घायलों को जिला
अस्पताल लाया गया। दोनों की हालत गंभीर देख कानपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस
ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के
महमदपुर गांव निवासी स्व. गया प्रसाद की 60 वर्षीय पत्नी कुसुमा देवी अपनी
बेटी अंजुला देवी (21) के साथ रात को घर के आंगन में सो रही थीं। नशे का
लती छोटा बेटा अनिल ऊर्फ बृजेश रात को दीवार फांदकर आंगन में आ गया।
उसने
फावड़ा उठाकर सो रही मां पर हमला किया। फावड़ा वृद्धा के हाथ में लगा।
वृद्धा की चीख पुकार सुनकर अंजुला जाग गई। उसने भाई का विरोध किया। इस पर
सिरफिरे ने तमंचे से मां पर फायर झोंक दिया। गोली वृद्धा की कनपटी में जाकर
लगी।
बीच बचाव कर रही अंजुला को भी छर्रे लग गए। गोली की आवाज
सुनकर ग्रामीण दौड़ पड़े। ग्रामीणों के आने पर सिरफिरा मौके से फरार हो
गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में
भर्ती कराया। हालत गंभीर देख डाक्टरों ने दोनों को कानपुर रेफर कर दिया।
गाजीपुर
एसओ शिवमंगल सिंह ने शनिवार को कानपुर हैलट में वृद्धा के बयान दर्ज किए
हैं। एसओ ने बताया कि आरोपी शराब, स्मैक का लती है।
वह अपनी पत्नी
धंधू की जमकर पिटाई करता था। इससे तंग आकर महिला बच्चों को लेकर मायके
हसनपुर थाना गाजीपुर एक साल पहले चली गई थी। तब से लौटकर ससुराल नहीं आई।
वह कई बार पत्नी को बुलाने गया लेकिन वापस नहीं आई। आरोपी अपनी मां पर
पत्नी को बुलाने के लिए दबाव डालता था।
उसकी हरकतों को लेकर वृद्धा
भी तैयार नहीं होती थी। इस कारण मां की हत्या करना चाहता था। एसओ ने बताया
कि वृद्धा की हालत खतरे से बाहर है। आरोपी को लमहेटा गांव के जंगल से
गिरफ्तार कर लिया गया है।