बहुआ/थरियांव में ललौली थानाक्षेत्र के तपनी गांव में गुरुवार सुबह बिजली गिरने से चरवाहे की मौत हो गई। हादसे की जानकारी पर घर में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सदर एसडीएम ने परिजनों को दैवी आपदा के तहत मदद का भरोसा दिया है।
गांव का रत्तीलाल वाल्मीकि (45) सुबह गांव के किनारे खेत में मवेशी चराने घर से निकला था। करीब साढ़े सात बजे बारिश होने लगी। वह बचने के लिए महुआ के पेड़ के नीचे खड़ा हो गया। गरज के साथ पेड़ पर बिजली गिर गई। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। आसपास खेत में मौजूद किसान मौके पर पहुंचे।
तब तक मौत हो चुकी थी। रत्तीलाल की पत्नी संपत देवी, मां दुल्ली समेत अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। रत्तीलाल को मृत देख परिजन बदहवास हो गए। तीन बेटे राहुल,रोहित, मोहित हैं। तीन बेटियां आरती ,रोशनी, विनीता शादीशुदा हैं। रत्तीलाल मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। सूचना पर एसआई बहादुर खान मौके पर पहुंचे।
एसओ राजीव सिंह ने बताया कि दैवी आपदा में चरवाहे की मौत हुई है। राजस्व कर्मियों को सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
वहीं थरियांव थाना क्षेत्र के ख्वाजीपुर के सेमरइया गांव निवासी चंद्रकिशोर साहू का बेटा विकास (20) सुबह भैंस बांधकर जंगल से लौट रहा था। गांव के किनारे बिजली गिरने में वह झुलस गया। ग्रामीणों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। विकास को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टर के मृत घोषित कर दिया। परिजन शव लेकर चले गए। थाने में तहरीर दी गई है।
परिवार में विकास से बड़ी दो बहनें ऊषा, प्रीती और भाई आकाश, उमेश हैं। बेटे की मौत के गम में मां ललिता साहू का हाल बेहाल हो गया। पिता चंद्र किशोर कृषि से जीवनयापन करते हैं। एसडीएम सदर प्रमोद झा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दैवी आपदा के तहत परिजनों को आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।