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साल भर से मशीन खराब, कैसे मिले दर्द से निजात

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०लि अस्पताल की खराब ट्रेडमिल मशीन - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। सदर अस्पताल की फिजियोथेरेपी यूनिट की ट्रेडमिल मशीन साल भर से खराब है। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से यूनिट की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भौतिक चिकित्सा विधि से स्वास्थ्य लाभ उठाने की गरज लेकर इस यूनिट पहुंचने वाले जरूरतमंदों को मायूस होना पड़ रहा है।
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चार साल पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले के सबसे बड़े अस्पताल में फिजियोथेरेपी यूनिट खुली थी। यूनिट में दो फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती है, ताकि आने वाली जरूरतमंद जनता को बेहतर सेवाएं मुहैया कराई जा सकें। भौतिक चिकित्सा की इस विधि से कमर दर्द, गर्दन दर्द, प्लास्टर के बाद हाथ और पैर का न मुड़ना, कंधे का दर्द, घुटना दर्द, पैरालिसिस के मरीज को बेहतर राहत मिलती है। कोरोना संक्रमण का हमला शुरू के बाद से इस यूनिट की ओपीडी में रोजाना आठ से 10 मरीज आ रहे हैं। पिछले साल के आखिरी महीने में यहां ट्रेडमिल मशीन ने काम करना बंद कर दिया। कई बार चलाने का प्रयास किया गया लेकिन काम नहीं चला। जिससे इस मशीन के जरिए दी जाने वाली भौतिक चिकित्सा ठप हो गई है। जरूरतमंद, मशीन खराब होने के चलते मायूस लौट रहे हैं। अस्पताल पहुंचे अल्लीपुर के राम कुमार ने बताया कि उन्हेें ह्दयरोग की समस्या है। चिकित्सक के परामर्श पर कसरत करने आए थे। मशीन खराब होने से ट्रेड मिल मशीन की सुविधा का लाभ नहीं मिला।
फिजियोथेरेपी के फायदे-
- चोट व पुरानी बीमारी ठीक करना।
- शारीरिक गतिविधि में बेहतर सुधार लाना।
- तेज दर्द से राहत देना।
- मानसिक रूप से मजबूत बनाना।
कोट-
ट्रेडमिल मशीन की स्पीड बढ़ाने पर वायर दिक्कत करता है। समस्या को रखा जा चुका है। मशीन भी देखी जा चुकी है। लॉकडाउन के चलते चिप मुहैया नहीं हो सकी है। जब तक चिप नहीं बदली जाएगी। मशीन को रफ्तार देने पर उसके बंद होने का सिलसिला जारी रहेगा।
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- डॉ. मोहित श्रीवास्तव, फिजियोथेरेपिस्ट
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