फतेहपुर। बाहर से आने वालों ने गांव-गांव दहशत फैला दी है। ऐसा इसलिए है कि तमाम बाहरी लोग बिना मेडिकल परीक्षण कराए लोगों के बीच उठ-बैठ रहे हैं। हाल यह है कि 30 हजार बाहरी लोग अपने घर लौट चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने रविवार से व्यवस्थित स्क्रीनिंग शुरू की है,विभाग केवल सात हजार लोगों का परीक्षण कर पाया है। ऐसे में बिना स्क्रीनिंग वाले कब खतरा बन जाएंगे, यह शंका लोगों में है।
लॉकडाउन के बाद महानगरों से तेज पलायन रविवार से शुरू हुआ जो अब भी जारी है। दिल्ली, मुंबई, सूरज, लुधियाना, चंडीगढ़ आदि जगहों से लोग लौट रहे हैं। खुद अफसर भी दबी जुबां से मान रहे कि पलायन कर गांव-गांव पहुंच जाने वालों में कौन संक्रमित के संपर्क में आया है या कौन संक्रमित है यह पकड़ पाना मुश्किल भरा है।
जो मेडिकल परीक्षण करा रहे केवल उन्हीं की स्थिति साफ हो पा रही है। कुछ जगह पर तो वहां की जनता दबाव बनाकर ऐसे लोगों को जिला अस्पताल तक पहुंचा दे रही है लेकिन अभी भी कई लोग ऐसेे हैं जो मेडिकल परीक्षण से अछूते हैं। थरियांव सीएचसी के खरसोला गांव में मुंबई से कई युवा आए हैं।
ऐसे पांच से छह युवाओं का झुंड देखते ही लोग रास्ता बदल देते हैं लेकिन वे घूम रहे हैं। उदईसराय में भी मुंबई से लौटने वालों का सिलसिला चालू है। बहुआ पीएचसी के ललौली में इस वक्त करीब डेढ़ सौ लोगों के मुंबई और सूरत से लौटने की खबर है।
कोरोना सेल प्रभारी डॉ. केके श्रीवास्तव का कहना है कि विदेश से आने वालों की जानकारी राज्य सर्विलांस से दी जाती है जबकि महानगरों से लौटने वालों की सूचना जनता के बीच से ही बेहतर तरीके से मिल सकती है।