मलवां थानाक्षेत्र के सहिली गांव में 14 अप्रैल 2016 को मां-बेटी की हत्या के चर्चित मामले में शनिवार को जिला व सत्र न्यायाधीश नीरज निगम ने सभी सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अठारह लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने अर्थदंड की राशि में से नौ लाख रुपये घटना में चोटिल हुई मृतका की दूसरी बेटी को देने का आदेश दिया है।
सहिली गांव की विमला देवी (48) और बेटी कुमुद (24) के परिजनों ने प्रापर्टी के लालच में कुछ लोगों के साथ मिलकर भोर प्रहर दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दो दिन बाद ही कुमुद की शादी होने वाली थी। घटना के दौरान दूसरी बेटी इला दूध लेकर लौटी तो उसने हमलावरों को घर से निकलते देख लिया। हमलावरों ने इला पर भी गोली चलाई, लेकिन गोली छू कर निकल जाने से इला मामूली रूप से चोटिल हुई। मामले में अधिवक्ता दिनेश नारायण ने बतौर वादी मुकदमा लिखाया था। विवेचना में वादी दिनेश नारायण के भी घटनाक्रम में मिले होने के साक्ष्य मिल गए। लिहाजा पुलिस ने वादी दिनेश नारायण को भी मुल्जिम बनाया था। इनके अतिरिक्त सहिली के पूर्व प्रधान और मृतका कुमुद के चचेरे भाई आदित्य नारायण, उनके दो पुत्र चंदन व छोटू, आदित्य के दोस्त संदीप उर्फ काके व शैलेंद्र और आदित्य का साला राहुल को मिलाकर कुल सात लोगों को पुलिस ने नामजद किया था। बता दें कि दिनेश नारायण आदित्य के चाचा हैं। मामला जिला जज नीरज निगम की अदालत में विचाराधीन था। जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेश कुमार शुक्ला और शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार दुबे ने एक-एक कर चौदह गवाह न्यायालय में पेश कराए। घटना में पहले सभी आरोपी जेल में थे। बाद में दो आरोपी दिनेश नारायण व राहुल को जमानत मिल गई थी। जिला व सत्र न्यायाधीश नीरज निगम ने सभी गवाहों और साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए सभी सातों को दोषी करार देकर आजीवन कारावास और अठारह लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड की राशि से नौ लाख रुपये वारदात में चोटिल हुई नाबालिग इला अवस्थी को दिए जाने का आदेश दिया है।