जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की 12 दिसंबर को होने वाली
राष्ट्रीय लोक अदालत में ‘शांतिदूतों’ की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। जिला
जज कृष्ण कुमार ने जिले के लेखपालों को शांतिदूत के रूप में नामित किया है
जो गांवों में घर-घर पहुंचकर लोगों से मिलेंगे और विवादों को पंजीकृत करके
लोक अदालत तक पहुंचाएंगे।
जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के
अध्यक्ष कृष्ण सिंह ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान
में 12 दिसंबर को जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत में वादों का निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए
जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत सभी विभागों के अधिकारियों को पत्र भेजकर
शिकायतों को पंजीकृत करने के आदेश दिए हैं। जिला जज पत्रकारों से
बातचीत कर रहे थे।
बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय
फौजदारी वादों, एनआई एक्ट की धारा 138 से संबंधित वादों, मोटर दुर्घटना
प्रतिकर याचिकाओं, वैवाहिक वादों, श्रम वादों, भूमि अधिग्रहण से संबंधित
वादों, रेंट दीवानी वादों, बैंक ऋण वसूली, राजस्व, मनरेगा, बिजली, पानी के
बिलों, आयकर, बिक्री कर, अप्रत्यक्ष कर, अन्य राजस्व संबंधित वादों के
निस्तारण किए जाएंगे।
बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता वादकारियों को
जागरुक एवं प्रेरित करने पर निर्भर। राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के
लिए लेखपालों को शांतिदूत नामित किया गया है।
लोक अदालत को सफल बनाने एवं
विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं व्यक्तियों के मध्य समन्वय स्थापित करने
के लिए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आबिद शमीम को नोडल अधिकारी नामित
किया गया है। जिला जज ने सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिए।