फतेहपुर। रारी बुजुर्ग गांव निवासी इरफान की शादी के चार दिन बाद ही गोली मार कर हत्या कर दी गई। वह मंगलवार को पत्नी आफरीन की चौथ की विदाई कराकर लौटा था। पत्नी घर में उसका इंतजार कर रही थी। इरफान तो नहीं लौटा, लेकिन देर रात उसकी मौत की सूचना पहुंची। नई नवेली दूल्हन ठीक से शौहर को जान भी नहीं सकी थी। खुशियों के मौके पर इरफान की हत्या से पूरे परिवार में मातम छा गया है।
इरफान का बांदा जिले के बबेरू थाना क्षेत्र के गौरीखान का पुरवा अब्दुल जब्बार की बेटी आफरीन से 19 मई को निकाह हुआ था। शादी के बाद मंगलवार को ही चौथी में पत्नी को लेकर इरफान घर आया था। हत्या की खबर सुनते ही आफरीन बदहवास हो गई। आसपास की महिलाओं ने किसी तरह उसे संभाला। महिलाओं का कहना रहा कि बड़ी एक महिला के लिए दुखद घड़ी दूसरी कोई नहीं हो सकती है। अभी तो आफरीन के हाथों की मेंहदी भी नहीं छूटी थी और शौहर हमेशा के लिए दूर हो गया। इरफान की मां रफीकुन निंशा व बहनों राबिया और राजिया भी रो-रो कर बेहाल रहीं।
अब्दुल ने रात को दी अलग-अलग सूचनाएं
अब्दुल ने रात को पहले रारी बुजुर्ग गांव में इरफान के परिजनों को सूचना दी कि उसकी बदमाशों ने रास्ते में गोली मारकर हत्या कर दी है। उसके बाद अब्दुल ने पुलिस को सूचना दी कि बाइक एक्सीडेंट हो गया है।
लूटपाट किए जाने का भी आरोप
बहन राजिया ने बताया कि इरफान पत्नी की चौथी से लौटकर आया था। उसे अब्दुल बहाने से बुलाने घर आया था। उसे घर से भगा भी दिया था। इसके बाद उन लोगों के सो जाने के बाद उर्स देखने के बहाने से भाई को ले गया था। उसके भाई के पास पांच हजार रुपए नकदी, चेन, सोने की अंगूठी, हाथ घड़ी पहने था। भाई की हत्या कर सबकुछ लूट भी लिया है।
अपने मामू की लड़की से शादी कराना चाहता था अब्दुल
बहन राजिया ने बताया कि अब्दुल अपने मामू की लड़की से भाई की शादी कराना चाहता था। उन लोगों का रिश्ता पहले ही तय हो गया था। इसी वजह से उसे इंकार कर दिया था। इसकी खुन्नस अब्दुल मानने लगा था। उसने पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी।
चलती बाइक पर गोली मारने की आशंका
फतेहपुर। मलवां थाना क्षेत्र के पनई गांव के पास इरफान की गोली मार कर हत्या किए जाने में कई अन्य लोगों का भी हाथ होने की आशंका है। इस हत्याकांड को बड़े ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया। घटनास्थल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कयास लगाए जा रहे हैं कि इरफान को चलती बाइक पर गोली मारी गई।
बता दें कि इरफान और अब्दुल को एक साथ अंतिम बार चक्की गांव के उर्स में देखा गया था। वहां से भी दोनों एक साथ ही निकले थे। उनके साथ और भी कुछ लोग रहे हैं। घटनास्थल पेट्रोल पंप के पास बाइक पड़ी मिली थी। इरफान भी बाइक के पास ही गिरा हुआ था।
इरफान को देखने से लग रहा था उसे गंभीर चोट आई है। उसका शरीर चेहरे की ओर था। इससे किसी को भी गोली मारने का शक नहीं हुआ। गोली पार निकल गई थी। आगे छाती में छोटा सुराख था। उसे भी रात के कारण ध्यान नहीं दिया जा सका। जबकि उसके पीछे की ओर भी सुराख था। वहीं अब्दुल को भी मामूली चोट लगी थी। कयास लगाए गए कि गोली चलती बाइक में पीछे बैठे अब्दुल ने मारी होगी। तभी इरफान अनियंत्रित होकर बाइक से गिरा। इसी दौरान अब्दुल को भी मामूली चोट आई। यह भी हो सकता है कि यह हत्या किसी और से कराई गई हो। जो मारने के बाद निकल गए।