असोथर कस्बे में पानी की टंकी से होने वाली जलापूर्ति विभागीय अधिकारियों के लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। पाइप लाइन चोक है तो लीकेज होने से विधातीपुर, सुजानपुर, बनपुरवा और कटरा गांव की जलापूर्ति पहले ही बंद हो चुकी है। अब हेलवाइन बगहा के पास पाइप लाइन लीकेज होने से कस्बे के प्रताप नगर चौराहे पर पानी का संकट बढ़ने लगा है। इससे सैकड़ों लीटर पानी रोज दिन में बर्बाद हो जाता है।
सूखे के कारण पूरे जिले में पानी की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। पीने का पानी भरने के लिए लोगों को एक मुहल्ले से दूसरे मुहल्ले जाना पड़ रहा है। सूखे के साथ पेयजल संकट पर जल निगम की लापरवाही सिर चढ़कर बोल रही है। सालों से खराब पड़े हैंडपंपों की रिबोरिंग नहीं कराई जा रही है। लीकेज पाइप लाइनों को ठीक कराने में महीनों गुजर जाता है।
जल निगम की यह लापरवाही शहर से लेकर कस्बों तक में दिखाई दे रही है। व्यापारिक व किसान संगठन पानी की समस्या को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन भी कर रहे हैं। इसके बावजूद भी विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हो रहा है। असोथर कस्बा के रमेश मोदनवाल, सर्वेश, रमेश, उमेश कुमार ने बताया कि प्रताप नगर झाल में नल की टोटियों में पानी आना बंद हो गया है। दो-तीन दिन में कभी कभार टोटियों से पानी आता है।
‘कस्बे में पानी की समस्या को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है। नलकूप में तैनात कर्मचारियों से लीकेज पाइप लाइन की जानकारी लेकर सही कराया जाएगा।’
- पीके यादव, अधिशासी अभियंता, जल निगम