फतेहपुर। खागा कोतवाली से अधिवक्ता को गिरफ्तार न्यायालय में पेश करने पहुंचे दरोगा को अधिवक्ताओं ने कचहरी गेट पर ही घेर लिया। देखते ही देखते नोकझोंक हाथापाई में बदल गई।
सूचना पर भारी पुलिस फोर्स और । एसपी राजेश सिंह और एसडीएम नंदप्रकाश मौर्य भी कचहरी पहुंच गए। बीच-बचाव कर मामले को शांत किया गया। अधिवक्ता को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। वहीं दरोगा ने कोतवाली में 50 अज्ञात अधिवक्ताओं पर मुकदमा दर्ज कराया है।
खागा कस्बे में 28 जनवरी को हुए मारपीट, बवाल के मामले में वांछित चल रहे अधिवक्ता इसराइल निवासी खागा चौक को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता खागा कोतवाली पहुंचे थे।
शनिवार को इसराइल को न्यायालय में पेश करने के लिए खागा कोतवाली से उपनिरीक्षक राजीव सिंह व एक सिपाही फतेहपुर सीजेएम कोर्ट पहुंचे।
दरोगा राजीव सिंह इसराइल को लेकर कोर्ट जा रहे थे, तभी कई अधिवक्ताओं ने उन्हें रोक लिया और अधिवक्ता की गलत तरीके से गिरफ्तारी व गंभीर धाराओं में चालान को लेकर दरोगा से बहस शुरू कर दी। कुछ ही देर में अधिवक्ताओं ने हाथापाई शुरू कर दी।
अधिकारियों ने किसी तरह मामला शांत कराया। राजीव सिंह का आरोप है कि अधिवक्ताओं ने गाली-गलौज, मारपीट व जानलेवा धमकी देते हुए उन्हें कोर्ट जाने से रोकने का प्रयास किया। राजीव सिंह ने इसराइल को कोर्ट में पेश किया।
जहां से इसराइल को जमानत दे दी गई। इसके बाद राजीव सिंह ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी। मामले को लेकर एसपी और एसडीएम काफी देर तक न्यायालय में बैठे रहे।
इंस्पेक्टर कोतवाली अमित मिश्रा ने बताया कि तहरीर पर 50 अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ बलवा, मारपीट, गाली-गलौज, जानलेवा धमकी देने व कार्य सरकार में बाधा का मुकदमा दर्ज किया गया है।