हथगाम थाना क्षेत्र के मंगरेमऊ गांव में लालमियां हत्याकांड के आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। हालांकि आरोपियों ने खुद को पार्टी बंदी में फंसाने का आरोप लगाया है। वहीं घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी इम्तियाज समेत कई नामजद पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
गौरतलब रहे कि थाना क्षेत्र के मंगरेमऊ गांव निवासी लाल मियां की सोमवार की शाम चुनावी रंजिश में गांव के दूसरे पक्ष ने इम्तियाज समेत कई लोगाें ने हरदासपुर भठपुरवा गांव के के पास घेरकर हत्या कर दी थी। सनसनीखेज हत्याकांड के बाद मृतक लालमियां के भतीजे कलीम की तहरीर पर पुलिस ने इम्तियाज, मुनशाद, फिरदौस, मुस्तफा, इंतीज, नसीम, शमीम, रिजवान, अखरार समेत दस आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। एसपी ने एसओ समेत तीन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया और दो दिन के अंदर सभी की गिरफ्तारी का दावा किया था। इस सख्ती के बाद भी पुलिस घटना के चार दिन बाद भी मुख्य आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। वहीं हत्याकांड के अन्य आरोपी मुनशाद, इंतीज, नसीम, अखरार ने खुद को थाने में सरेंडर किया था। इन आरोपियों को शुक्रवार दोपहर पुलिस ने जेल भेजा है। जिला अस्पताल में आरोपी अखरार ने बताया कि घटना के समय वह मस्जिद में फातिया पढ़ने गया था। वहीं नसीम ने बताया कि वह मुंबई से बीस दिन पहले लौटा है और उसका घटना से कोई मतलब ही नहीं है। इसी तरह मुनशाद काफी वृद्ध है। वहीं इंतीज ने बताया कि उसने पुलिस के डर से थाने में जाकर सरेंडर किया है। उन लोगों को पार्टीबंदी के तहत फंसाया गया है। इससे साफ होता है कि घटना को अंजाम देने वाले सभी आरोपी फरार हैं। उन तक पुलिस पहुंचने में नाकाम बनी है। उधर पीड़ित पक्ष को भी घटना के मुख्य आरोपी इम्तियाज और उसके साथियों का भय सताए हुए है। मुख्य आरोपी समेत छह हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस के छोड़े गए तीर हवा हवाई साबित हो रहा है।