फोटो20 - वाइस चांसलर डा. आर बी लाल
फोटो21 - डायरेक्टर डा. विनोद बी लाल
- सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में बयान नहीं आने की दी जाएगी जानकारी
- ईसीआई चर्च में 90 हिंदुओं के सामूहिक धर्मांतरण का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। ईसीआई चर्च में 90 हिंदुओं के सामूहिक धर्मांतरण मामले में लाल बंधुओं को बयान दर्ज कराने की जारी नोटिस का शनिवार को समय पूरा हो गया। वह बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे हैं। एसआईटी उनका रविवार को भी इंतजार करती रही। एसआईटी लाल बंधुओं को आखिरी मौका देने के लिए रिमांइडर भेजेगी। रिमाइंडर के तहत तीन दिन का और समय दिया जाएगा।
सदर कोतवाली क्षेत्र के हरिहरगंज स्थित इवेजलिकल चर्च ऑफ इंडिया (ईसीआई) में 14 अप्रैल 2022 को सामूहिक धर्मांतरण कराने के मामले में पादरी विजय मसीह समेत 56 के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस की जांच में प्रयागराज नैनी स्थित सैम हिग्गिन बॉटम एंग्रीकल्चर साइंस इंस्टीट्यूट एंड यूनिवर्सिटी (शुआट्स) के वाइस चांसलर डाॅ. आरबी लाल, डायरेक्टर एडमिस्ट्रेशन डाॅ. विनोद बी लाल समेत कई नाम विवेचना के दौरान प्रकाश में आए।
पुलिस ने सामूहिक धर्मांतरण के मुकदमे में सभी को नामजद कर रखा है। विदेशी फंडिंग का भी पुलिस की ओर से दावा किया गया है। कोतवाली पुलिस ने धर्म परिवर्तन के पांच मुकदमों में लाल बंधुओं को शामिल किया है। इधर, सुप्रीम कोर्ट ने लाल बंधुओं की गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। सरकार का पक्ष जानने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने लाल बंधुओं को एसआईटी के समक्ष बयान दर्ज कराने का आदेश दिया था। लाल बंधुओं को धारा 41 के तहत बयान दर्ज कराने का एसआईटी नोटिस तामील करा चुकी है। नोटिस के मुताबिक 22 अप्रैल तक लाल बंधुओं को एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत होकर बयान दर्ज कराने थे।
एसआईटी रविवार तक लाल बंधुओं के आने का इंतजार करती रही, लेकिन दोनों नहीं आए। एसआईटी विवेचक सीओ वीर सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने लाल बंधुओं बयान दर्ज कराने के आदेश दिए थे। वह नहीं आए हैं। उन्हें रिमाइंडर भेजकर बयान दर्ज कराने का आखिरी मौका दिया जाएगा।