ललौली थाना क्षेत्र में मौरंग खदान में एक मजदूर की गुरुवार रात पोकलैंड मशीन में दबकर मौत हो गई। खदान संचालकों ने रात भर शव को छिपाए रखा। ग्रामीणों के हंगामे पर शव को गुपचुप तरीके से गांव के किनारे फेंक दिया गया। मामले की खबर पर पुलिस ने किसी तरह से परिजनों को शांत किया और खदान संचालक की ओर से मुआवजा दिलाया गया।
थाना क्षेत्र के अढ़ावल मजरे धनुहन निवासी भूरा(35) पुत्र जोली निषाद ट्रकों में लोड मौरंग को बराबर करने का काम करता था।
वह गुरुवार की रात को खदान नंबर पांच में काम करने गया था। खदान में चल रही पोकलैंड मशीन की मजदूर रात को चपेट में आ गया। मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की खबर शुक्र वार सुबह खदान से निकले किसी ट्रक चालक ने ग्रामीणों को भूरा की रात को मौत की खबर दी। सूचना पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे लेकिन उन्हें लाश नहीं दिखाई पड़ी। ग्रामीण थाने पहुंच गए और हंगामा काटने लगे। तभी गांव के पास रोड पर मृतक का शव मिलने की खबर मिली। ग्रामीणों ने मार्ग में ही जाम लगा दिया और हंगामा शुरू कर दिया, उधर पुलिस ने खदान संचालक महेंद्र सिंह परिहार से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया। खदान संचालक की ओर से परिजनों को साढ़े चार लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। इसके बाद मृतक की पत्नी माया देवी की ओर से दुर्घटना की तहरीर पर पोकलैंड चालक के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके मामले को रफा दफा कर दिया। घटना से मृतक की पत्नी और उसके मासूम बच्चों सुरेश, निर्मला, खुशबू का हाल बेहाल रहा है। एसओ मनोज पाठक ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर चालक के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना के बाद शव को छिपाए जाने की उनको जानकारी नहीं है। मामले की जांच में कोई बात सामने आएगी तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
साइड स्टोरी....
शव को खदान में ही दफन करने की थी कोशिश
ललौली थाना क्षेत्र में मजदूर की मौत के बाद उसके शव को खदान में ही दफन करके पूरे मामले में मिट्टी डालने की कोशिश की गई थी। समय रहते ग्रामीणों को जानकारी हो गई।
थाना क्षेत्र के अढ़ावल मजरे धनुहन निवासी भूरा (35) पुत्र जोली निषाद की मौत गुरुवार रात को खदान में हो गई थी। खदान में काम करने वाले और ग्रामीणों के अनुसार घटना करीब रात के दो बजे की रही है। उस समय ट्रक में पोकलैंड से मौरंग लोड हो रही थी। घटना के बाद पोकलैंड का चालक घबरा गया था। उसने जल्दबाजी में मजदूर की लाश को मौरंग खदान में खोदे पड़े गड्ढे में डाल दिया था। इसके बाद ऊपर से मौरंग का ढेर पलटा दिया था। उसने लाश को छिपाकर मामले को वहीं खत्म कर दिया था। लेकिन एक ट्रक चालक ने पूरी घटना ग्रामीणों के बीच उजागर कर दी। हाल ही में ओवरलोडिंग पर रोक लगने के कारण खदानें बंद चल रही थी। इसी वजह से ललौली क्षेत्र में इक्का दुक्का ही खदानें संचालित थीं।
इंसेट
खदान में पोकलैंड से मौरंग लोडिंग अवैध
मौरंग खदानों के संचालकों ने सारे मानकों को ताक पर रख दिया गया है। खदानों में पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से ट्रकों में लोडिंग और खनन पर रोक लगी है। इसके बावजूद खदानों में धड़ल्ले से खनन हो रहा है। पुलिस और प्रशासन की निगाहें माफियाओं पर टेढ़ी नहीं होती है।