सूदखोरों से परेशान होकर कोटेदार ने मंगलवार दोपहर जहर खा लिया। उसकी कानपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई।
सुसाइड नोट में उसने आठ सूदखोरों से प्रताड़ित होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है। आरोप है कि ब्याज की रकम देने के बाद भी सूदखोर परेशान करते थे। कोटेदार पर करीब 20 लाख का कर्ज है।
बकेवर थाना क्षेत्र के मुसाफा गांव निवासी शंकर दयाल का बेटा रमेश गुप्ता उर्फ पूतू (40) गांव का कोटा संचालक था। वह दोपहर को जहानाबाद किसी काम से गया था। जहानाबाद कस्बे में ही उसने जहर खा लिया।
पुलिस ने सीएचसी जहानाबाद पहुंचाया जहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। शाम को हैलट में मौत हो गई। कोटेदार की एक गोद ली 13 साल की बेटी है। परिजनों को रमेश की जेब से सुसाइड नोट मिला है। नोट में लिखा है कि चाचा के कैंसर और भाई के एक्सीडेंट होने पर कुछ रकम उधार ली थी। सात प्रतिशत का ब्याज देने में पत्नी के जेवर, हिस्से में आने वाली 16 बिसवा जमीन बेच डाली।
राशन वितरण के लिए दुकान पर बैठता तो सूदखोर परेशान करने पहुंच जाते थे। ब्याज की रकम न देने पर राशन उठा ले जाते थे। ब्याज में देरी पर बेइज्जती की जाती थी। ऐसे आठ लोग हैं जिनसे कर्ज लिया था। बकेवर प्रभारी निरीक्षक जयचंद्र भारती ने बताया कि कोटेदार की मौत का पता लगा है। तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी।