जिला पंचायत अध्यक्ष पद पाने की दौड़ शुक्रवार को
शुरू हो गई। सपा व भाजपा के बैनर तले मैदान में उतरे दावेदारों ने भीड़ के
साथ पहुंचकर अपना दमखम दिखाया। सपा से किरन देवी ने तीन सेट में पर्चा भरा,
जबकि भाजपा की निवेदिता सिंह ने दो सेट में नामांकन पत्र दाखिल किया।
महिला
वर्ग को आरक्षित इस कुर्सी के लिए सात जनवरी को जंग होनी है। शुक्रवार को
कलेक्ट्रेट परिसर में एडीएम कोर्ट में सुबह 11 बजे से नामांकन प्रक्रिया
शुरू हुई।
तीन बजे तक चली इस प्रक्रिया मेें इन दोनों प्रत्याशियों ने
लाव-लश्कर के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया। भाजपा प्रत्याशी निवेदिता सिंह
का नामांकन जुलूस पार्टी कार्यालय से निकला।
जिसमें क्षेत्रीय अध्यक्ष
बालचंद्र मिश्रा, जिलाध्यक्ष रणवेंद्र प्रताप सिंह धुन्नी, विधायक विक्रम
सिंह व कृष्णा पासवान, पूर्व मंत्री राधेश्याम गुप्ता व राजेंद्र सिंह
पटेल, प्रमोद द्विवेदी, नीरज सिंह, संतोष गुप्ता, अवधेश मिश्रा व रेखा
मिश्रा आदि तमाम कद्दावर नेता शामिल रहे।
भाजपा प्रत्याशी निवेदिता के
प्रस्तावक जिला पंचायत सदस्य इंद्रजीत पाल, गुलशन लोधी व जंयती वर्मा रहे। सपा
समर्थित प्रत्याशी किरन देवी का नामांकन जुलूस विद्यार्थी चौराहा से
निकला।
जिसमें राज्यमंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, एमएलसी नरेश उत्तम,
जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव, विधायक मदन गोपाल वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष
समरजीत सिंह, अमरदीप सिंह पप्पू, जय कुमार जैकी, नफीसउद्दीन, तनवीर हैदर,
रीता प्रजापति, शकील अकबर, जियाउद्दीन कुरैशी समेत काफी संख्या में सपा के
पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे।
सपा प्रत्याशी किरन देवी ने तीन सेटों
में नामांकन पत्र दाखिल किया। किरन की प्रस्तावक जिला पंचायत सदस्य नीतू
देवी, अवलेश देवी, सफीकउद्दीन, सुखराज, योगेंद्र व राकेश प्रजापति रहे।
इधर,
एडीएम न्यायालय में चली नामांकन प्रक्रिया को लेकर पुलिस व प्रशासन की ओर
से खास चौकसी बरती गई। समर्थकों को कलेक्ट्रेट के अंदर घुसने देने से रोका
गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम राजीव रौतेला नामांकन प्रक्रिया पर
नजर गड़ाए रहे। एडीएम आलोक सिंह ने बताया कि तीन बजे से नामांकन पत्रों की
जांच शुरू हुई, जिसमें दोनों प्रत्याशियों के नामांकन सही पाए गए। एडीएम ने
बताया कि चार जनवरी को नाम वापस लिया जा सकता है।