ललौली थाना क्षेत्र में थोक किराना व्यापारी से हुई लूट में सरगना व्यापारी
का कार चालक निकला। चालक की मिलीभगत से बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया था।
वारदात में शामिल पांच बदमाशों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने लूटकांड के
खुलासे का दावा किया है
वारदात को अंजाम देने का तानाबाना आरोपी चालक ने साथियों के साथ मिलकर रचा था। गिरफ्तार बदमाशों से लूटी गई रकम में करीब आठ लाख रुपये व बाइकें बरामद की गईं। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है।
गौरतलब है कि कानपुर के हरबंश मोहाल निवासी रवींद्र डोरीवाल ऊर्फ रवी बांदा से तगादा लेकर कार से शनिवार दोपहर कानपुर लौट रहे थे।
ललौली थाने के आगे बिंदकी रोड पर चालक ने कार रोक दी थी, तभी पहले से घात लगाए बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था।
एसपी सालिगराम वर्मा ने बताया कि घटना की छानबीन में लगी को पुलिस टीमों को रविवार तड़के खुर्मागनर तिराहा कोतवाली बिंदकी के पास बदमाशों की लोकेशन मिली।
चौराहे से बदमाशों के निकलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर दी। पुलिस से घिरते देख बदमाशों ने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग कर पांच बदमाशों को पकड़ लिया।
जबकि दो बदमाश चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस ने वारदात में शामिल अनिकेश सोनकर ऊर्फ रजत सोनकर पुत्र शैलेंद्र सोनकर, चित्रांगद ऊर्फ पंकज बाथम पुत्र रामखेलावन, राहुल ऊर्फ छोटू बाथम पुत्र चंद्रप्रकाश बाथम निवासी दासू कुआं, हमीरपुर रोड नौबस्ता कानपुर, शाहरुख पुत्र इदरीस निवासी राजीव विहार हमीरपुर रोड नौबस्ता, बब्लू कुशवाहा पुत्र रामनरेश निवासी बाबा नगर को गिरफ्तार कर लिया।
बदमाशों के पास से लूटी गई रकम में 8 लाख 60 हजार रुपये व दो पल्सर बाइकें और एक अपाचे बाइक भी बरामद की गई। एसपी ने बताया कि संदेह के आधार पर व्यापारी के चालक को उठाया गया था। उन्होंने बताया कि कार चालक शाहरुख की सूचना पर बदमाश बाइकों से वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे। एक बाइक पर सवार पंकज और छोटू ने तमंचा अड़ाकर व्यवसायी का मोबाइल छीना था। इसके बाद नोटों भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे। वहीं कार चालक शाहरुख मौके पर ही मौजूद रहा है। एसपी ने क्राइम ब्रांच और थाने की टीम को ईनाम देकर पुरस्कृत किया है।
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स्थायी चालक के भाई ने बनाया था प्लान
व्यवसायी रवी डोरीवाल का स्थायी कार चालक अतुल बाथम है। कारोबारी के परिवार को लेकर अतुल बलिया गया था। अचानक कारोबारी को बांदा जाना था। कारोबारी के कहने पर अतुल ने ड्राइवर की व्यवस्था कराने के लिए अपने छोटे भाई छोटू से कहा। तभी छोटू ने शाहरुख को भेजा और वारदात की योजना बना डाली। उसको ठीक तरह से मालूम था रुपये कार की डिग्गी में ही रखे जाते हैं। जबकि कार के अंदर बोरी में भरे करीब पांच लाख रुपयों की जानकारी उसे नहीं थी।
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बांदा बार्डर से किया था बदमाशों ने पीछा
फतेहपुर और बांदा की सीमाएं यमुना चिल्ला घाट से मिलती है। कार का पीछा करने के लिए बदमाश घाट के पुल पर पहले से मुस्तैद रहे हैं और कार के आते ही पीछा करने लगे थे। बदमाश अलग-अलग बाइकों से कुछ-कुछ दूरी पर रहे हैं। काली पल्सर सवार बदमाशों ने व्यवसायी को लूटने के बाद नोटों से भरा लाल पल्सर सवार बदमाशों को देकर रवाना कर दिया था।