स्टेशन रोड में बिजली के तार जोड़ते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
बिजली चोरी करने में शहर के ज्वालागंज, पीरनपुर इलाके सबसे आगे हैं। इसके बाद लाला बाजार, आबूनगर और मसवानी का नंबर है। बिजली विभाग के मुताबिक हर महीने करीब 15 मिलियन यूनिट (एमयू) कटियाबाज चोरी कर लेते हैं। यही वजह है कि उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ता है।
जिले को हर माह 60 से 70 मिलियन यूनिट बिजली मिलती है। इसमें करीब 15 मिलियन यूनिट बिजली यानी की साढ़े चार करोड़ की बिजली कटियाबाज और जर्जर तारों के हिस्से में आ रही है। लोग कटिया लगाकर बिजली चोरी कर ले रहे हैं। शहर और ग्रामीणांचल में घरेलू व कामर्शियल मिलाकर करीब एक लाख 75 हजार उपभोक्ता हैं।
नगर क्षेत्र में मुराइनटोला, आबूनगर, शांतीनगर, हरिहरगंज और राधानगर पांच उपकेंद्रों से शहर को आपूर्ति की जाती है। इसी प्रकार खागा और बिंदकी मिलाकर 32 उपकेंद्र हैं। शहर के अरबपुर, ज्वालागंज, आबूनगर, देवीगंज इलाकों में कई कटियाबाज मजे से खुलेआम अवैध कनेक्शन करके बिजली चोरी कर रहे हैं। इन पर कार्रवाई के नाम पर बिजली विभाग खानापूरी कर रहा है।